- कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण स्कूल की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ीं।
- शनिवार और रविवार होने के कारण अब सीधे 19 जनवरी को खुलेंगे सभी स्कूल।
- हरियाणा सरकार ने जारी किया आधिकारिक आदेश, निजी और सरकारी स्कूलों पर लागू।
- अभिभावकों की चिंता और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय।
उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के प्रकोप को देखते हुए हरियाणा सरकार ने स्कूली बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश में विंटर वेकेशन यानी सर्दियों की छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, अब सभी सरकारी और निजी स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहेंगे। चूंकि इसके बाद शनिवार और रविवार का अवकाश है, इसलिए अब प्रदेश के तमाम स्कूल सीधे 19 जनवरी को खुलेंगे।
आमतौर पर हरियाणा के स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां 1 से 15 जनवरी तक होती हैं। लेकिन इस बार जनवरी के मध्य में ठंड और कोहरे की तीव्रता कम होने के बजाय और बढ़ गई है। मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कई जिलों के लिए ‘डेंस फॉग’ (घने कोहरे) का अलर्ट जारी किया हुआ है। सुबह और शाम के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य के करीब पहुँच रही है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में छोटे बच्चों का सुबह जल्दी स्कूल पहुँचना उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जोखिम भरा माना जा रहा था।
पिछले कई दिनों से अभिभावक लगातार प्रशासन और सरकार से छुट्टियों को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन आधिकारिक पत्र न होने के कारण संशय की स्थिति बनी हुई थी। अब शिक्षा विभाग द्वारा विधिवत लेटर जारी होने के बाद अभिभावकों और बच्चों ने राहत की सांस ली है। यह आदेश प्रदेश के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
प्रशासन ने छुट्टियों के दौरान बच्चों और विशेषकर बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है। चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण सर्दी में बुजुर्गों में हार्ट फेल और हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में घर के बड़े-बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाने, समय-समय पर गुनगुना पानी पिलाने और हल्दी वाला दूध या सूप जैसे गर्म पदार्थों का सेवन कराने की अपील की गई है। सर्दियों में पानी के कम सेवन से खून गाढ़ा होने का खतरा रहता है, इसलिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना अत्यंत आवश्यक है।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य बच्चों को शीतलहर और कोहरे की मार से बचाना है। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधकों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना या बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को रोका जा सके।