शिक्षा के क्षेत्र में केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और सही प्रेरणा विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी विजन के साथ करनाल की प्रतिष्ठित कोचिंग अकादमी, एसएचएम क्लासेस (SHM Classes) ने एक अनूठी पहल की है। संस्थान ने अपने विद्यार्थियों के एक बड़े समूह को देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा है। करनाल में संभवतः यह पहली बार है जब कोई निजी अकादमी अपने छात्रों को सीधे आईआईटी कैंपस का अनुभव कराने के लिए लेकर जा रही है।
इस यात्रा को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा देखी गई। सेक्टर-7 स्थित मुख्य शाखा से रवाना होते समय छात्रों के चेहरों की चमक यह बताने के लिए काफी थी कि उनके लिए यह केवल एक पिकनिक नहीं, बल्कि उनके सपनों की दिशा में बढ़ाया गया एक ठोस कदम है। छात्रों का कहना है कि आईआईटी दिल्ली जाना हर साइंस स्ट्रीम के विद्यार्थी का सपना होता है। वहां जाने का उद्देश्य केवल घूमना नहीं, बल्कि वहां के शैक्षणिक माहौल को करीब से देखना, प्रख्यात प्रोफेसरों से मिलना और वहां पढ़ रहे वरिष्ठ छात्रों से संवाद करना है। कई विद्यार्थियों ने तो यहां तक कहा कि वे आज केवल घूमने नहीं जा रहे, बल्कि अगले साल के लिए अपनी सीट पक्की करने का संकल्प लेने जा रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली में इन दिनों ‘टेक्निकल फेस्ट’ का आयोजन हो रहा है, जो इस यात्रा का मुख्य आकर्षण है। इस फेस्ट के दौरान छात्रों को इसरो (ISRO) की विशेष प्रदर्शनी देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वहां प्रदर्शित की गई एफ1 (F1) रेसिंग कार और अन्य तकनीकी नवाचारों को देखना विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अनुभव साबित होगा। संस्थान के शिक्षकों का मानना है कि जब छात्र अपनी आंखों से उस संस्थान को देखते हैं जहां वे भविष्य में पढ़ना चाहते हैं, तो उनकी पढ़ाई के प्रति एकाग्रता और लगन कई गुना बढ़ जाती है। “खुली आंखों से देखा गया सपना ही पूरा होता है,” इसी मंत्र के साथ छात्रों को इस प्रेरक यात्रा पर भेजा गया है।
संस्थान के निदेशक रवि सर और अमन सर ने इस मौके पर बताया कि एसएचएम क्लासेस का उद्देश्य करनाल के बच्चों को वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और एक्स्पोज़र देना है, जिसके लिए छात्र अक्सर कोटा या दिल्ली जैसे शहरों का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में छात्र अक्सर विचलित (distract) हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें निरंतर मोटिवेशन की आवश्यकता होती है। संस्थान ने न केवल आईआईटी दिल्ली, बल्कि भविष्य में छात्रों के शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें नासा (NASA) जैसे विश्व प्रसिद्ध संस्थानों के भ्रमण पर ले जाने का भी लक्ष्य रखा है। यह पहल छात्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और कड़ी मेहनत की भावना को बढ़ावा देगी।
यात्रा के आयोजन में अकादमी की सेंटर कोऑर्डिनेटर शैली मैम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह समय उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। ऐसे में आईआईटी जैसे संस्थानों का भ्रमण उनके भीतर आत्मविश्वास भरता है। एसएचएम क्लासेस का विजन है कि शिक्षा को केवल एक व्यवसाय के रूप में न देखकर, इसे विद्यार्थियों और अभिभावकों के सपनों को साकार करने के माध्यम के रूप में देखा जाए। संस्थान न केवल जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसे कठिन इम्तिहानों की तैयारी कराता है, बल्कि छात्रों को एक जिम्मेदार नागरिक और ‘नेशन बिल्डर’ के रूप में तैयार करने पर भी जोर देता है।
अभिभावकों ने भी अकादमी के इस प्रयास की सराहना की है। उनका मानना है कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों की सोच का दायरा बढ़ता है और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने में मदद मिलती है। फिलहाल, छात्रों का यह दल दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है, जहां वे विज्ञान और तकनीक की नई बारीकियों को सीखेंगे। अकादमी का यह कदम करनाल की शिक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो अन्य संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।