- हाईकोर्ट के आदेश पर निशानदेही शुरू, बाद में होगी नीलामी
करनाल जिले के पधाना गांव में स्थित करीब 86 एकड़ पंचायती जमीन को कब्जाधारियों से मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पंचायत और राजस्व विभाग की टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर जमीन की निशानदेही शुरू कराई है। तय समय सीमा के भीतर जमीन खाली कराकर नियमों के अनुसार नीलामी करवाई जाएगी।
याचिका में बताया गया था कि यह जमीन पहले पशुओं के चरागाह के रूप में उपयोग होती रही है। बाद में बिना किसी बोली के इसे कुछ प्रभावशाली लोगों के उपयोग में दे दिया गया। इससे पंचायत को होने वाली आय पर असर पड़ा और सरकारी नियमों का भी उल्लंघन हुआ।
देशराज सहित ग्रामीणों की याचिका पर आया था कोर्ट का आदेश
हाई कोर्ट की युगल पीठ न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल और न्यायमूर्ति लपिता बनर्जी ने गांव पधाना के देशराज और अन्य ग्रामीणों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए डीसी करनाल को जमीन कब्जा मुक्त कराने और नीलामी कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया दो माह में पूरी करने का आदेश दिया था।
हर साल करीब 46 लाख के नुकसान का लगाया गया था आरोप
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया था कि ग्राम पंचायत ने कई वर्षों से जमीन की नीलामी नहीं करवाई, जिससे सरकार को हर साल करीब 46 लाख की आर्थिक हानि (नुकसान) हो रही थी। नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति इस जमीन को ठेके पर ले सकता था।
छह सौ सात कनाल 12 मरले जमीन की हो रही निशानदेही
बीडीपीओ साहिब सिंह ने बताया कि पंचायत और राजस्व विभाग की टीम आल कानूनगो और पटवारी के साथ मिलकर छह सौ सात कनाल 12 मरले जमीन की निशानदेही कर रही है। यह कार्रवाई प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
18 जनवरी तक जमीन होगी कब्जा मुक्त
बीडीपीओ साहिब सिंह ने कहा कि 18 जनवरी तक जमीन को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कर लिया जाएगा। इसके बाद कोर्ट के आदेशानुसार पंचायत की नीलामी करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की पूरी तरह से अनुपालना की जाएगी और प्रक्रिया में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।