-
पधाना में 35 वर्षीय किसान ने जहर खाकर आत्महत्या की।
-
15 दिन पहले ही सगे भाई का हार्ट अटैक से निधन हुआ था।
-
घटना से पहले बच्चों के साथ सामान्य बातचीत की थी।
-
पुलिस मामले की जांच और पोस्टमार्टम करवा रही है।
करनाल के तरावड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पधाना गांव में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक संपन्न और सुखी परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब 35 वर्षीय युवा किसान बसंत राणा ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना उस समय और भी अधिक मार्मिक हो जाती है जब यह पता चलता है कि ठीक 15 दिन पहले ही बसंत के बड़े भाई का भी हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया था। एक ही पखवाड़े के भीतर दो जवान बेटों को खोने के बाद परिवार और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
बसंत राणा पेशे से एक मेहनती किसान थे और अपनी खेती-बाड़ी के जरिए परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, बसंत स्वभाव से शांत थे और उनके जीवन में स्पष्ट रूप से कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही थी। वे विवाहित थे और उनका एक छोटा बेटा भी है। परिवार में आर्थिक या सामाजिक स्तर पर किसी प्रकार के विवाद की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के दिन की परिस्थितियों का विवरण देते हुए परिजनों ने बताया कि बसंत सुबह बिल्कुल सामान्य दिख रहे थे। वे घर के पास स्थित दुकान पर गए, वहां लोगों से बातचीत की और कुछ समय के लिए गली में बच्चों के साथ भी बैठे रहे। किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि कुछ ही देर बाद वे ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेंगे। बच्चों के साथ समय बिताने के बाद वे अपने कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा नहीं खुला, तब संदेह होने पर परिजनों ने जांच की, तो पाया कि वे बेसुध पड़े थे।
इस दोहरी त्रासदी ने गांव के हर निवासी की आंखों में आंसू ला दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 1 दिसंबर को ही बसंत के भाई का निधन हुआ था, जिसके शोक से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था। उस भाई की अंतिम क्रियाओं और रस्मों के अभी कुछ ही दिन बीते थे कि बसंत ने भी दुनिया छोड़ दी। परिवार के सदस्य इस बात से हैरान हैं कि जो व्यक्ति कुछ मिनट पहले सामान्य बातचीत कर रहा था, उसने अचानक जहर क्यों खा लिया।
वर्तमान में, करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम गृह में बसंत के शव का परीक्षण कराया गया है। तरावड़ी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और जहर के प्रकार का पता चल पाएगा। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि क्या बसंत अपने भाई के निधन के कारण किसी गहरे मानसिक तनाव या अवसाद में थे, जिसे वे साझा नहीं कर पाए।
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि मानसिक स्वास्थ्य और अपनों को खोने का दुख किसी व्यक्ति को किस हद तक प्रभावित कर सकता है। एक हँसता-खेलता परिवार अब पूरी तरह बिखर गया है और मासूम बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।