हरियाणा के करनाल शहर में मेट्रो सिटीज की तर्ज पर एक अनूठा लर्निंग कॉन्सेप्ट ‘द हार्ट ऑफ लर्निंग’ एकेडमी के रूप में शुरू हुआ है। सेक्टर 6 स्थित शमरॉक स्कूल की बिल्डिंग में संचालित इस एकेडमी का उद्देश्य हर आयु वर्ग के लोगों को मानसिक तनाव से दूर कर उन्हें नई स्किल्स से जोड़ना है। हाल ही में करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता ने इस एकेडमी का भव्य उद्घाटन किया।
एकडेमी की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘मल्टी-एक्टिविटी’ प्लेटफॉर्म होना है। यहाँ एक ही छत के नीचे डांस, फिटनेस, योग, मेडिटेशन, ताइक्वांडो, कैलीग्राफी और फाइन आर्ट्स जैसी विभिन्न विधाएं सिखाई जा रही हैं। एकेडमी के संचालक जतिन और नाज मैम ने बताया कि अक्सर अभिभावकों को बच्चों को अलग-अलग क्लासेस के लिए ले जाने और लाने में काफी समय बर्बाद करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए यहाँ ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे बच्चों को घर से सुरक्षित लाने और छोड़ने की जिम्मेदारी एकेडमी की होगी।
एकेडमी का मंत्र ‘बियॉन्ड एज, बियॉन्ड लिमिट्स’ (उम्र और सीमाओं से परे) है। यहाँ केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि 50 से 60 वर्ष तक के वयस्क भी अपनी दबी हुई कलात्मक प्रतिभा को निखार सकते हैं। मेयर रेनू बाला गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ‘फिट इंडिया’ मिशन को आगे बढ़ाते हुए यह केंद्र लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा रखने में मील का पत्थर साबित होगा।
विशेष रूप से महिलाओं के लिए यहाँ ‘मी टाइम’ का कॉन्सेप्ट रखा गया है। जब बच्चे अपनी किसी एक्टिविटी जैसे डांस या ताइक्वांडो की क्लास ले रहे होंगे, उसी समय माताएं योगा या फिटनेस बैच जॉइन कर सकती हैं। इससे समय का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। आगामी 1 जनवरी से यहाँ विंटर कैंप भी शुरू होने जा रहा है। एकेडमी ने घोषणा की है कि पहले 30 पंजीकरणों पर विशेष डिस्काउंट दिया जाएगा। प्रोफेशनल प्रशिक्षकों की देखरेख में चलने वाली यह एकेडमी करनाल के निवासियों के लिए मनोरंजन और सीखने का एक नया केंद्र बनकर उभरी है।