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बाबा ने अपनी एक सुरक्षा बलों की फोर्स बना रखी थी और पंचकूला तथा देश के विभिन्न हिस्सों में राम रहीम को सजा के बाद होने वाले उपद्रव में उसी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स का ही हाथ था।” यह कहना है चंडीगढ़ प्रेस क्लब में लायर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडवोकेट नवकिरण सिंह के साथ आए बलात्कारी बाबा के सहयोगी और समर्थक रहे हंसराज वगुरदास सिंह तूर का, जो पत्रकारों को डेरा के अंदर किए जा रहे कुकर्मों का ब्यौरा दे रहे थे।

हंसराज तथा गुरदास सिंह तूर ने पत्रकारों को बताया कि वह 1996 से डेरा के समर्थक थे तथा डेरा में ही रहते थे। हंसराज ने बताया कि साल 2002 में उस पर प्रभाव डालकर उसे ऑपरेशन करके नपुंसक बना दिया गया था, लेकिन शरीर पर इस ऑपरेशन का दुष्प्रभाव होने के कारण उसकी जिंदगी अभिशाप बन गई। इसलिए उसने 2002 में डेरा छोड़ दिया। उसने बताया कि कुल 400 लोगों को नपुंसक बनाया गया, जिनमें से 166 लोगों की लिस्ट सीबीआई के पास है।

हंसराज ने बताया कि महिलाओं का वहां पूरी तरह शोषण किया जाता था और किसी को प्यार से और किसी को दबाव से अपने साथ जोड़ा जाता था। डर के कारण कोई भी अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं होता था। और जो बोलता था, उसे खामोश कर दिया जाता था। बलात्कारी बाबा ने गुंडों की एक फौज तैयार की हुई थी, जिसे ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स का नाम दिया गया था।

2006 में इनकी गिनती 20 हजार के करीब थी। इन लोगों को डेरा में हथियारों की ट्रेनिंग दी जाती थी और लोगों को डराने तथा दंगों मे इनका प्रयोग किया जाता था। नपुंसक बनाने का केस सीबीआई के पास है और इसमें काफी प्रगति हो चुकी है। वहीं बलात्कारी बाबा के भेद खोलते हुए बाबा के काफी नजदीकी रहे गुरदास सिंह तूर ने बताया कि छोटी-छोटी 16 साल की लड़कियों को भी बख्शा नहीं जाता था और बाबा उनके साथ भी गलत काम करता था।

गुरदास सिंह ने बताया कि बलात्कारी बाबा आस्था के नाम पर गरीब लोगों को लूटता था और 15 किलो मिर्च की टोकरी डेढ़ करोड़ रुपए में बेच रहा था, जिसमें से गरीब आदमी के बीच 500 से 1000 रुपए तक एक मिर्च लेने में लग जाते थे। इसे वह गुरु का प्रसाद कह कर देता था।

गुरदास ने बताया कि बाबा ने गुंडों की एक फौज तैयार कर रखी थी, जिसको ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स के नाम से पुकारा जाता था और इन लोगों को डेरा में ही ट्रेनिंग दी जाती थी। उनकी ट्रेनिंग के दौरान उन्हें विभिन्न हथियार चलाने की शिक्षा पंजाब पुलिस तथा बलात्कारी बाबा के आर्मी के भक्त देते थे। इस ट्रेनिंग में एके 47 राइफल भी शामिल होती थी। गुरदास ने कहा कि हनी प्रीत के साथ बलात्कारी बाबा का रिश्ता अब जगजाहिर हो ही चुका है।

 

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