हरियाणा के करनाल जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रोजी-रोटी कमाने के लिए खान में काम कर रहे एक 35 वर्षीय युवक की ट्रैक्टर पलटने से जान चली गई। मृतक की पहचान शेखपुरा पुलिया निवासी जगदीश के रूप में हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब जगदीश खान में ट्रैक्टर चला रहा था और अचानक अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर पलट गया, जिसके नीचे जगदीश बुरी तरह दब गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदीश पेशे से चालक था और एक ठेकेदार के अधीन खान में ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, जब जगदीश ट्रैक्टर को मिट्टी के ढेर पर चढ़ा रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर पलट गया। हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर का हैंडल सीधे जगदीश की गर्दन पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे करनाल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसने दम तोड़ दिया।
इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जगदीश के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटी बेटियां हैं, जिनके भविष्य पर अब अंधकार छा गया है। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि जगदीश ही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उन्होंने भारी मन से कहा कि उन्हें हादसे की जानकारी काफी देर बाद मिली और जब तक वे अस्पताल पहुंचे, सब कुछ खत्म हो चुका था।
परिजनों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जैसे ही हादसा हुआ, वहां मौजूद ठेकेदार और ट्रैक्टर का मालिक मौके से फरार हो गए। उन्होंने अस्पताल आकर परिवार की सुध तक नहीं ली। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार ठेकेदार और मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
फिलहाल, पुलिस ने जगदीश के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना एक बार फिर खनन क्षेत्रों और निर्माण कार्यों में सुरक्षा के अभाव पर सवाल खड़े करती है। अक्सर देखा गया है कि मुनाफे के चक्कर में मजदूरों की जान को जोखिम में डाल दिया जाता है और हादसे के बाद जिम्मेदार अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेते हैं। जगदीश की मौत ने न केवल एक जान ली है, बल्कि एक पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।