करनाल में नेशनल हाईवे 44 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है, जिसमें दो गाड़ियाँ आपस में और फिर सड़क किनारे खड़ी एक ट्राली से टकरा गईं। इस जबरदस्त भिड़ंत में दोनों गाड़ियों में सवार परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी गुड़गांव से बलटाना की ओर जा रही थी, जिसमें एक ही परिवार के पाँच लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों और गाड़ी के चालक के अनुसार, उनकी गाड़ी की टक्कर पहले एक अन्य गाड़ी (पंच) से हुई और फिर अनियंत्रित होकर वह सड़क किनारे खड़े एक ट्राले में जा घुसी। पंच गाड़ी के चालक का कहना है कि सामने चल रही गाड़ी ने अचानक सर्विस रोड की तरफ मुड़ने का प्रयास किया, जहाँ पहले से ही एक ट्राला खड़ा था। ट्राले से टकराने के बाद गाड़ी सड़क के बीचों-बीच आ गई, जिससे पीछे से आ रही पंच गाड़ी उससे टकरा गई। उस समय गाड़ियों की रफ्तार लगभग 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। घायलों में एक बुजुर्ग महिला के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि एक बच्ची के पैर में चोट लगने के कारण वह चलने में असमर्थ है। अन्य सवारियों को भी अंदरूनी और बाहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हाईवे पर हुए इस हादसे के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए क्रेन (कन) को मौके पर बुलाया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हाईवे से हटाकर सर्विस लेन पर किया गया ताकि यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा सके। सड़क पर बिखरे हुए गाड़ियों के मलबे को भी साफ किया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस जाम खुलवाने में सफल रही और नेशनल हाईवे 44 पर आवागमन सामान्य हो सका।
जांच अधिकारी ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह मामला ओवरटेकिंग और सड़क किनारे खड़े ट्राले के कारण हुआ प्रतीत होता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्राला सर्विस रोड पर किस स्थिति में खड़ा था और क्या वहाँ कोई सांकेतिक बोर्ड या लाइट लगी थी। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हाईवे पर चलते समय ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें। नींद पूरी न होने या नशे की हालत में गाड़ी चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेष रूप से ओवरटेकिंग के समय सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा में रहने की सलाह दी गई है।
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा मानकों और सड़क किनारे खड़े होने वाले भारी वाहनों की लापरवाही को उजागर करता है। पुलिस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है और घायलों के बयान दर्ज होने के बाद आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।