March 24, 2026
24 March 3

करनाल शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में देर रात एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। शहर के एक हलचल भरे और व्यस्त इलाके में स्थित एक कंफेक्शनरी स्टोर को दो अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया और हजारों रुपये की नकदी लेकर आसानी से फरार हो गए। यह घटना स्थानीय प्रशासन की रात्रिकालीन गश्त और कानून व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जिस मुख्य मार्ग पर यह घटना घटी, वहां रात भर यातायात और लोगों की आवाजाही लगी रहती है। इसके बावजूद चोरों ने बिना किसी खौफ के इस पूरी घटना को अंजाम दिया।

पीड़ित दुकानदार की पहचान अरुण कुमार अरोड़ा के रूप में हुई है। अरुण ने अपनी आजीविका चलाने और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए महज छह महीने पहले, अक्टूबर माह में ‘कृष्णा फूड हट’ के नाम से यह नया व्यापार शुरू किया था। यह दुकान एक कैफे और कंफेक्शनरी स्टोर का मिला-जुला रूप है। एक नए व्यापारी के लिए शुरुआत में ही इस तरह का आर्थिक नुकसान बेहद निराशाजनक और मनोबल तोड़ने वाला होता है। दुकान के मालिक ने दिन-रात कड़ी मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया था, लेकिन चंद मिनटों में अज्ञात युवकों ने उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया।

घटना का खुलासा अगली सुबह तब हुआ जब दुकान पर नियमित रूप से दूध सप्लाई करने वाले व्यक्ति ने आकर देखा कि शटर खुला हुआ है और बाहर का ताला टूटा पड़ा है। अरुण कुमार अरोड़ा के अनुसार, वह अपनी खराब तबीयत के कारण रात लगभग साढ़े बारह बजे दुकान बंद करके ऊपर अपने घर में सोने चले गए थे। सुबह करीब सवा नौ बजे जब उन्हें दूध वाले ने ताला टूटने की सूचना दी, तो वे तुरंत नीचे आए। अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान के अंदर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और पैसों वाला गल्ला पूरी तरह से टूटा हुआ था।

चोरी की इस घटना को रात करीब 3:18 से 3:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया। घटना के समय दो नौजवान लड़के दुकान के बाहर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने आसपास के इलाके की रेकी की और यह सुनिश्चित किया कि कोई उन्हें देख न ले। इसके बाद उन्होंने एक भारी लोहे की रॉड की मदद से बाहर का ताला तोड़ा और शटर को ऊपर उठाकर अंदर प्रवेश किया। इन युवकों के हौसले इतने बुलंद थे कि दुकान के अंदर जाने के बाद उन्होंने छिपने के बजाय आराम से लाइट जलाई और सीधे कैश काउंटर की तरफ बढ़ गए।

दुकान के अंदर घुसने के बाद चोरों ने पूरी तरह से नकदी पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने लोहे की रॉड से बहुत ही बेरहमी से गल्ले को तोड़ा और उसमें रखी लगभग बीस हजार रुपये की नकदी निकाल ली। इस दौरान उन्होंने स्कैनर, जरूरी कागजात और कुछ पैकेट वहीं बिखेर दिए। उनका मुख्य उद्देश्य केवल नकद राशि चुराना ही प्रतीत होता है।

सबसे अधिक हैरानी की बात यह है कि दोनों युवकों ने अपने चेहरे ढकने का कोई खास प्रयास नहीं किया। उनमें से एक ने शॉल ओढ़ी हुई थी और चश्मा लगा रखा था, लेकिन उनके चेहरे स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकने वाले हैं। उनकी उम्र भी काफी कम लगती है, जो समाज के लिए एक चिंता का विषय है कि कम उम्र के युवा इस तरह के अपराधों में संलिप्त हो रहे हैं। उनके हाव-भाव से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें पुलिस या प्रशासन का कोई खौफ नहीं है।

घटना की जानकारी तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हो गई है। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए घटना स्थल से कोई भी छेड़छाड़ नहीं की गई है, ताकि फॉरेंसिक विशेषज्ञ और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट और अन्य अहम सुराग जुटा सके। अरुण कुमार अरोड़ा ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और अपनी खून-पसीने की कमाई वापस दिलाने की अपील की है।

स्थानीय निवासियों और आम जनता से भी यह अपील की गई है कि यदि कोई इन युवकों को पहचानता है, तो वे तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचित करें या सीधे 9911709 नंबर पर संपर्क करके जानकारी साझा करें। इस पूरी घटना ने आसपास के व्यापारियों में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर के हर प्रमुख चौक-चौराहे पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। समाज के जागरूक नागरिकों से यह आग्रह भी किया जा रहा है कि अगर वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते हैं तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। युवाओं का इस तरह से अपराध की दुनिया में कदम रखना पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है।

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