February 28, 2026
28 Feb 12

करनाल जिले में पश्चिमी यमुना नहर के नजदीक एक दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक 25 वर्षीय युवक, जिसकी पहचान शुभम के रूप में हुई है, रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया है। इस घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नहर के बिल्कुल किनारे शुभम की मोटरसाइकिल लावारिस और गिरी हुई स्थिति में बरामद की गई। बाइक की हालत को देखकर यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि मामला सामान्य नहीं है और इसके पीछे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और परिजनों में हड़कंप मच गया है।

इस पूरे प्रकरण में पारिवारिक विवाद की एक लंबी और हिंसक पृष्ठभूमि सामने आ रही है। शुभम के परिजनों ने उसके ससुराल पक्ष पर अत्यंत गंभीर और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। शुभम के दादा, देशराज, जो स्वयं एक 80 वर्षीय बुजुर्ग हैं, ने रोते हुए इस घटना की पूरी कड़वी सच्चाई साझा की। उनके अनुसार, शुभम को उसका ससुर और एक अन्य पड़ोसी घर से बुलाकर नहर के किनारे ले गए थे। वहां उसे काफी मात्रा में शराब पिलाई गई और संभवतः वहीं पर उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद और हाथापाई भी हुई। यह विवाद केवल नहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिंसा का यह दौर शुभम के घर तक भी जा पहुँचा।

परिजनों का दावा है कि शाम के समय जब शुभम को घर वापस लाया गया, तो उसकी हालत अत्यंत दयनीय थी। उसके साथ मारपीट की गई थी और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। घर पहुँचते ही ससुर और उनके साथ आए अन्य लोगों ने शुभम पर दोबारा हमला कर दिया। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि हमलावरों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। शुभम की माँ, जो उस समय घर के अंदर थी, उसे बाथरूम में बंद कर दिया गया ताकि वह बीच-बचाव न कर सके। हमले के दौरान घर पर ईंटें और पत्थर बरसाए गए, जिससे घर की खिड़कियां और दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए।

इस हिंसा के बीच एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जब शुभम की भतीजी ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरी गुंडागर्दी और मारपीट का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उसे जमीन पर पटक दिया और उसका मोबाइल फोन सड़क पर पटक कर तोड़ दिया ताकि उनके खिलाफ कोई सबूत न बच सके। बुजुर्ग देशराज का कहना है कि वे किसी तरह अपनी जान बचाने के लिए छिपने को मजबूर हो गए। इसी दहशत और मारपीट के माहौल के बीच शुभम अचानक घर से निकल गया और उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला है।

दूसरी ओर, ससुराल पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से नकारा तो नहीं है, लेकिन उन्होंने अपनी ओर से एक अलग कहानी पुलिस के सामने पेश की है। उन्होंने पुलिस को दिए अपने बयानों में आरोप लगाया है कि शुभम उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था और ‘बुलेट’ मोटरसाइकिल की मांग करता था। उनका दावा है कि शुभम द्वारा उनकी बेटी के साथ की गई मारपीट के जवाब में उन्होंने उसे पीटा। फिलहाल शुभम की पत्नी अपने पिता के साथ जींद चली गई है, जबकि शुभम का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।

वर्तमान में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है। गोताखोर प्रकट सिंह और उनकी ‘आखिरी उम्मीद फाउंडेशन’ की टीम नहर में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। गोताखोरों ने नहर में कई किलोमीटर तक दो से तीन राउंड लगाए हैं, लेकिन अभी तक शुभम का कोई पता नहीं चल सका है। प्रकट सिंह का कहना है कि हालांकि किसी ने शुभम को नहर में गिरते या डूबते हुए नहीं देखा है, लेकिन बाइक का नहर किनारे मिलना एक बुरा संकेत है। टीम का प्रयास है कि यदि कोई अनहोनी हुई है, तो जल्द से जल्द शव को बरामद कर परिजनों को सौंपा जाए।

यह मामला मानवीय संवेदनाओं के लिहाज से भी अत्यंत दुखद है। शुभम के छोटे बच्चे हैं और उसकी पत्नी वर्तमान में गर्भवती है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे केवल एक ही मांग कर रहे हैं कि पुलिस इस मामले की निष्पक्षता से जांच करे और सच्चाई को सामने लाए। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रहे हैं और नहर किनारे लगे सीसीटीवी फुटेज या अन्य साक्ष्यों को खंगालने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शुभम ने खुद नहर में छलांग लगाई है या उसे किसी साजिश के तहत वहां पहुंचाया गया है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवादों के हिंसक रूप और उसके दुखद परिणामों को उजागर कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.