March 21, 2026
21 March 15

हरियाणा के करनाल स्थित सेंट कबीर पब्लिक स्कूल ने शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Science and Technology) द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘इंस्पायर साइंस अवार्ड’ (Inspire Science Award) के लिए इस स्कूल के चार छात्रों का चयन हुआ है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पूरे हरियाणा में सेंट कबीर पब्लिक स्कूल एकमात्र ऐसा संस्थान बनकर उभरा है जिसने एक साथ चार छात्रों का चयन करवाकर राज्य में सर्वाधिक चयन देने का रिकॉर्ड बनाया है। संयोगवश, यह बड़ी खुशखबरी स्कूल के ‘फाउंडर्स डे’ (स्थापना दिवस) के अवसर पर आई, जिससे उत्सव का आनंद दोगुना हो गया।

इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए चयनित छात्रों ने समाज और पर्यावरण से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए अत्यंत प्रभावशाली और व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स तैयार किए थे। चयनित छात्र वासु ने ‘मैजिकल वॉटर कोन’ (Magical Water Cone) विकसित किया है, जो संघनन (Condensation) की प्रक्रिया के माध्यम से हवा से पानी बनाकर पौधों को सींचने में सक्षम है। यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से उन हाईवे और दूर-दराज के इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकता है जहाँ पौधों को नियमित पानी देना चुनौतीपूर्ण होता है।

एक अन्य छात्र वैभव ने सुरक्षा की दृष्टि से ‘सीक नो विसिल कैप’ (Seek No Whistle Cap) का निर्माण किया है। यह एक ऐसा सेंसर आधारित उपकरण है जिसे एलपीजी सिलेंडर पर लगाने से गैस लीक होने की स्थिति में तुरंत सायरन या सीटी बजने लगती है, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है। वहीं, छात्रा कामाक्षी ने ‘सोलर स्मार्ट स्कूल बैग’ (Solar Smart School Bag) का नवाचार पेश किया है। इस बैग पर लगे सोलर पैनल सूरज की रोशनी को बिजली में बदलकर पावर बैंक को चार्ज करते हैं, जिसका उपयोग छात्र अपने मोबाइल या अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए कर सकते हैं। चौथे छात्र अनंत ने पहाड़ी इलाकों में होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए ‘सेंसर एट ब्लाइंड स्पॉट’ (Sensor at Blind Spot) तकनीक विकसित की है, जो अंधे मोड़ पर विपरीत दिशा से आने वाले वाहन की सूचना पहले ही दे देती है।

स्कूल की इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रिंसिपल प्रवीण कौर और कोऑर्डिनेटर पूनम ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक बार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि स्कूल लगातार कई वर्षों से इंस्पायर अवार्ड्स में अपनी छाप छोड़ रहा है। उन्होंने इसका श्रेय शिक्षकों की ‘प्रैक्टिकल लर्निंग’ (व्यावहारिक शिक्षा) पद्धति और छात्रों की रचनात्मकता को दिया। विज्ञान शिक्षक दीपक सर और अन्य स्टाफ की देखरेख में छात्रों को उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर शोध करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

स्कूल प्रबंधन ने यह भी साझा किया कि वे शिक्षा के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए फिनलैंड की एक कंपनी के साथ समझौता कर रहे हैं। इसके तहत एआई (AI) और गेमिफाइड लर्निंग के माध्यम से छात्रों को खेल-खेल में गणित जैसे कठिन विषयों को सिखाया जाएगा। स्थापना दिवस के कार्यक्रमों के बीच इन नन्हे वैज्ञानिकों की उपलब्धि ने न केवल स्कूल बल्कि पूरे करनाल शहर को गौरवान्वित किया है। चयनित छात्रों को सरकार की ओर से नकद पुरस्कार से भी नवाजा गया है। स्कूल के संस्थापक अंगद सर ने विश्वास जताया कि ऐसे नवाचारों से ही उनके छात्र भविष्य में देश और दुनिया में विज्ञान के क्षेत्र में नेतृत्व करेंगे।

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