हरियाणा के करनाल जिले में स्थित शास्त्री कॉलोनी उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गई जब बिजली विभाग के कर्मचारी वहां हाई टेंशन बिजली की लाइन डालने पहुंचे। विभाग की इस कार्रवाई का पता चलते ही पूरी कॉलोनी के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए और काम रुकवा दिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को ताक पर रखकर घनी आबादी वाली और बेहद संकरी गलियों से 11,000 वोल्ट (11 केवी) की लाइन गुजारने की जिद पर अड़ा है।
कॉलोनी वासियों का सबसे बड़ा डर बिजली के झटकों और संभावित दुर्घटनाओं को लेकर है। महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गलियां पहले से ही इतनी संकरी हैं कि मकानों के छज्जे बिजली के खंभों के बिल्कुल करीब आ जाएंगे। ऐसे में छतों पर कपड़े सुखाना या बच्चों का गलियों में खेलना जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों का तर्क है कि यदि विभाग को लाइन गुजारनी ही है, तो पास की 60 फुट चौड़ी सड़क का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा? 10 फुट की छोटी गली में खंभे गाड़ने से न केवल आवाजाही प्रभावित होगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ी का अंदर आना भी असंभव हो जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पार्षद और प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। लोगों का कहना है कि वे पिछले 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं, टैक्स और बिजली-पानी के बिल भर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद चुनाव के समय तो वोट मांगने आते हैं, लेकिन अब जब पूरी कॉलोनी संकट में है, तो कोई झांकने तक नहीं आया। निवासियों ने यह भी बताया कि कॉलोनी के कई मकानों की रजिस्ट्री होने के बावजूद विभाग उनकी आपत्तियों को दरकिनार कर इसे केवल ‘सरकारी काम’ बता रहा है।
दूसरी ओर, मौके पर मौजूद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे हकीकत नगर फीडर की 11 केवी लाइन को सुचारू करने के लिए यह कार्य कर रहे हैं। विभाग के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में अक्सर फॉल्ट आने की समस्या बनी रहती है, जिसे दूर करने के लिए एडिशनल लाइन बिछाना जरूरी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे आबादी क्षेत्र में नंगी तारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके बजाय, नए पोल लगाकर उन पर इंसुलेटेड ‘एक्सएलपी केबल’ (XLP Cable) डाली जाएगी, जो पूरी तरह से ढकी होती है और जिससे दुर्घटना का खतरा न के बराबर होता है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए उनके पास रेलवे विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों (एक्शन व एसई) की लिखित अनुमति मौजूद है। हालांकि, विभाग के इन तकनीकी आश्वासनों से कॉलोनी वासी संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि केबल कितनी भी सुरक्षित क्यों न हो, खंभे लगने से उनकी संपत्ति की कीमत गिर जाएगी और गली का रास्ता हमेशा के लिए अवरुद्ध हो जाएगा। लोगों ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी गली में खंभे नहीं लगने देंगे और यदि विभाग ने जबरदस्ती की, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, तनाव को देखते हुए काम रोक दिया गया है, लेकिन बिजली विभाग और जनता के बीच की यह तकरार आने वाले दिनों में और गहरा सकती है।