करनाल जिले में रिश्तों के कत्ल और आपसी रंजिश की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। करनाल की शिव कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय शुभम, जो पेशे से मजदूर था, कल रात से लापता है। उसकी मोटरसाइकिल आज सुबह कैथल रोड नहर के किनारे लावारिस हालत में बरामद हुई है, जिसके बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का सीधा आरोप है कि शुभम के ससुराल पक्ष के लोगों ने पहले उसे धोखे से पार्टी के बहाने बुलाया और फिर उसके साथ जानलेवा मारपीट कर उसे नहर में फेंक दिया।
घटनाक्रम की शुरुआत कल शाम करीब 5:00 बजे हुई, जब शुभम की पत्नी के भाई और उनके दोस्त शुभम को घर से पार्टी करने के बहाने साथ ले गए। शुभम की मां ने बताया कि उन्होंने हाथ जोड़कर मिन्नतें की थीं कि शुभम को साथ न ले जाएं क्योंकि उनके घर में शराब का चलन नहीं है, लेकिन वे जबरन उसे ले गए। शाम करीब 7:00-8:00 बजे के आसपास जब वे शुभम को वापस घर छोड़ने आए, तो वे सभी नशे में धुत थे और शुभम के साथ गाली-गलौज व मारपीट कर रहे थे।
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने शुभम के घर में घुसकर जमकर तांडव मचाया। विरोध करने पर शुभम की मां को शौचालय में बंद कर दिया गया और घर के सामान के साथ तोड़फोड़ की गई। शुभम के नाना ने बताया कि जब उनकी पोती (शुभम की बेटी) ने पुलिस को सबूत देने के लिए मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ भी दुर्व्यवहार किया और मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक कर चकनाचूर कर दिया। जान बचाने के लिए शुभम घर से भाग निकला, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लगा है।
आज सुबह जब शुभम की बाइक नहर किनारे मिली, तो परिवार का शक गहरा गया। बाइक के पास जमीन पर घसीटने के निशान पाए गए हैं, जो किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रहे हैं। शुभम का मोबाइल फोन भी कल रात 12:00 बजे से बंद आ रहा है। शुभम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और विलाप करते-करते वे कई बार बेहोश हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि शुभम की एक डेढ़ साल की गुड़िया है और उसकी पत्नी दोबारा गर्भवती है। घर में खुशियों का माहौल था, जिसे इन दरिंदों ने मातम में बदल दिया।
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने रात में ही रामनगर थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी थी और गुहार लगाई थी कि उनके बेटे की जान को खतरा है, लेकिन पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह महज आपसी लड़ाई का मामला है और वे कल देखेंगे। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती और मौके पर पहुँचती, तो शायद आज उनका बेटा सुरक्षित होता।
फिलहाल, गोताखोरों और पुलिस की मदद से नहर में शुभम की तलाश की जा रही है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नामजद आरोपियों—सोनू, रवि, मीता, अनिल और अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह घटना न केवल एक परिवार की तबाही है, बल्कि समाज में बढ़ती नशाखोरी और गिरते नैतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। शुभम की मां की चीखें और पिता की बेबसी आज पूरे करनाल की आंखों में आंसू ला रही है। पुलिस अब नहर किनारे मिले सबूतों और परिजनों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।