दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब नमस्ते चौक के समीप अचानक ब्रेक लगने के कारण तीन गाड़ियाँ एक-दूसरे से टकरा गईं। इस दुर्घटना में गाड़ियों को भारी नुकसान पहुँचा है, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। हाईवे पर तेज रफ्तार के बीच हुए इस टकराव ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों के बीच उचित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों ने बताया कि सबसे आगे चल रही दो लग्जरी गाड़ियों ने किसी अज्ञात कारण से अचानक बेहद तेज ब्रेक लगा दिए। रफ्तार अधिक होने के कारण उनके ठीक पीछे चल रही अन्य गाड़ियों के चालकों को संभलने का मौका नहीं मिला। इसके परिणामस्वरूप, पीछे आ रही तीन गाड़ियाँ—जिनमें दो टैक्सी (कैब) और एक निजी कार शामिल थी—एक के बाद एक आपस में भिड़ गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सुरक्षा की दृष्टि से गाड़ियों के एयर बैग्स खुल गए। इन्हीं एयर बैग्स की वजह से एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया।
हादसे के वक्त गाड़ियों में सवारियां मौजूद थीं, जो करनाल से पानीपत की ओर जा रही थीं। गनीमत रही कि सुरक्षा उपकरणों के सही समय पर काम करने के कारण यात्री केवल मामूली खरोंचों के साथ बच निकले। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और सबसे पहले हाईवे पर लगने वाले संभावित जाम को रोकने के लिए यातायात को व्यवस्थित करना शुरू किया। हाईवे पर क्षतिग्रस्त गाड़ियाँ खड़ी होने के कारण पीछे से आ रहे वाहनों की गति धीमी हो गई थी, जिससे यातायात बाधित हो रहा था।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर क्रेन (टोड ट्रक) को बुलाया। क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क के बीच से हटाकर किनारे किया गया ताकि अन्य राहगीरों को असुविधा न हो और किसी अन्य दुर्घटना की संभावना को टाला जा सके। जाँच अधिकारी ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से नमस्ते चौक के पास एक्सीडेंट की सूचना मिली थी। उन्होंने पुष्टि की कि किसी के जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और सभी सवारियां सुरक्षित हैं।
यह घटना नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर हाईवे पर गाड़ियाँ एक-दूसरे के बेहद करीब चलती हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में पीछे वाले वाहन को रुकने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। सुरक्षा विशेषज्ञों का हमेशा से यह सुझाव रहा है कि तेज रफ्तार में चलते समय ‘दो सेकंड के नियम’ का पालन करना चाहिए और आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए। फिलहाल, पुलिस इस मामले की विस्तृत तफ्तीश कर रही है कि सबसे आगे चल रही गाड़ियों ने अचानक ब्रेक क्यों मारे थे। हाईवे पर अब यातायात सुचारू रूप से चल रहा है और क्षतिग्रस्त वाहनों को पुलिस कार्यवाही के बाद हटाने की प्रक्रिया जारी है।