करनाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में एक शादी समारोह से वापस लौट रहे युवकों पर बदमाशों के एक गुट ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल युवकों की गाड़ी के शीशे तोड़े, बल्कि ईंट-पत्थरों से हमला कर उन्हें घायल भी कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने उनके ऊपर पिस्तौल भी तानी और काफी दूर तक बाइकों से पीछा किया। यह पूरी घटना उस समय और भी गंभीर हो गई जब पीड़ितों के अनुसार, बदमाशों ने डायल 112 की पुलिस पीसीआर के सामने भी पत्थरबाजी जारी रखी।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए पीड़ित युवकों ने बताया कि वे अपने एक दोस्त के रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे। वहां उनके दोस्त के परिवार के ही कुछ सदस्यों (चाचा-ताऊ के लड़कों) के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। हालांकि, मामला उस समय सुलझ गया था, लेकिन आरोपियों ने युवकों को चेतावनी दी थी कि वे दोबारा उस इलाके में नजर न आएं। जब युवक शादी समारोह से निकलकर अपने घर की ओर वापस जा रहे थे, तब नलवी खुर्द और कुंजपुरा के पास घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर हमला बोल दिया।
पीड़ितों के अनुसार, हमलावरों की संख्या 10 से 15 के बीच थी, जो बाइकों पर सवार थे। जैसे ही युवकों की काले रंग की गाड़ी वहां से गुजरी, बदमाशों ने ईंटें बरसानी शुरू कर दीं। गाड़ी के पिछले और किनारे के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। युवकों ने अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई, लेकिन बदमाश करीब 2 किलोमीटर तक उनके पीछे लगे रहे। इस दौरान एक युवक की नाक पर चोट भी आई और गाड़ी के भीतर कांच और बड़े पत्थर बिखरे हुए मिले।
हैरानी की बात यह है कि जब युवकों को रास्ते में पुलिस की डायल 112 गाड़ी दिखाई दी, तो उन्होंने मदद के लिए वहां अपनी गाड़ी रोकी। पीड़ितों का आरोप है कि बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में भी एक ईंट उनकी गाड़ी पर मारी और फिर वहां से फरार हो गए। पुलिस टीम ने कुछ दूर तक पीछा भी किया, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
पीड़ितों का कहना है कि उनकी किसी से कोई निजी रंजिश नहीं थी, वे केवल एक मेहमान के तौर पर शादी में शामिल होने गए थे। आरोपियों ने “दोबारा यहाँ मत आना” की बात को लेकर इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। युवकों ने इस गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और गाड़ी की स्थिति को देखकर हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर अंकित और उसके साथियों की तलाश कर रही है जिनका नाम पीड़ितों ने अपनी शिकायत में लिया है।