हरियाणा के करनाल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने वाली है। सराफा बाजार स्थित ऐतिहासिक मंजी साहिब गुरुद्वारे में शनिवार को ‘सनी ओबरॉय क्लीनिकल लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर’ का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अत्याधुनिक लैब का लोकार्पण मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया। इस पहल के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट’ द्वारा स्थापित यह लैब स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। इस लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी वहन करने योग्य दरें हैं। जहाँ निजी अस्पतालों और व्यावसायिक लैब्स में विभिन्न रक्त परीक्षणों के लिए हजारों रुपये चुकाने पड़ते हैं, वहीं यहाँ टेस्ट की कीमत मात्र ₹10 से शुरू होती है। उदाहरण के तौर पर, यहाँ हीमोग्लोबिन (HB) का टेस्ट मात्र ₹10, ईसीजी (ECG) ₹20 और टाइफाइड या सीबीसी (CBC) जैसे महत्वपूर्ण टेस्ट महज ₹50 में किए जाएंगे। ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपी ओबरॉय के विजन के अनुसार, टेस्ट की कुल लागत का 90% हिस्सा ट्रस्ट द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि मरीजों को केवल 10% राशि ही देनी होगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उद्घाटन समारोह से पहले सराफा बाजार स्थित शिव मंदिर और फिर मंजी साहिब गुरुद्वारे में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उनके साथ विधायक जगमोहन आनंद और मेयर रेनू बाला गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विधायक जगमोहन आनंद ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सिख समाज की सेवा और लंगर की परंपरा अब चिकित्सा के क्षेत्र में भी एक नई मिसाल पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि दानी सज्जनों की इस धरती पर यह लैब लोगों के लिए वरदान साबित होगी और दूसरों को भी ऐसे नेक कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
मंजी साहिब गुरुद्वारा न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसका एक समृद्ध इतिहास भी है। गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार, यह गुरु नानक देव जी का एक ऐतिहासिक स्थान है, जहाँ उन्होंने लगभग 40 दिन बिताए थे। इसी पवित्र परिसर में अब स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र शुरू होना धार्मिक स्थलों की सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में यहाँ होम्योपैथी लैब भी संचालित है, जहाँ प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। नई लैब के प्रति लोगों के रुझान को देखते हुए भविष्य में यहाँ डेंटल क्लिनिक और अल्ट्रासाउंड जैसी अन्य विशेषज्ञ सेवाएं शुरू करने की भी योजना है।
इस लैब के शुरू होने से न केवल करनाल शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ होगा। डॉक्टरों की बेहतरीन टीमें यहाँ उपलब्ध रहेंगी जो मरीजों को सही परामर्श और जांच सेवाएं प्रदान करेंगी। ट्रस्ट और गुरुद्वारा प्रबंधन का साझा उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इस पहल को ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ और ‘अंत्योदय’ की भावना के अनुरूप बताया, जहाँ समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।