करनाल: महाशिवरात्रि के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर करनाल शहर पूरी तरह से शिवमय हो गया है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर निकले कावड़ियों का जत्था महादेव के जयकारों के साथ करनाल पहुंच चुका है। शहर की सड़कों पर ‘बम-बम भोले’ की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालुओं में भारी जोश व उत्साह देखने को मिल रहा है। नाचते-गाते और भगवान शिव की भक्ति में लीन ये श्रद्धालु पैदल यात्रा कर अपनी मंजिल तक पहुंचे हैं।
कावड़ यात्रा की यह परंपरा करनाल के प्रेम नगर और राम नगर स्थित शिव मंदिरों से जुड़ी है, जहां श्रद्धालु पिछले कई दशकों से इसी प्रकार कावड़ लेकर आते हैं। जत्थे के प्रधान ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से लगातार हरिद्वार से जल लेकर आ रहे हैं। यात्रा के दौरान कई ऐसे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जिन्हें 30 से 35 साल का अनुभव है। खास बात यह है कि इस बार यात्रा में छोटे-छोटे बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो अपने बुजुर्गों की प्रेरणा से कठिन पैदल मार्ग तय कर महादेव की सेवा में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की थकान या कठिनाई का अनुभव नहीं होता। उनका मानना है कि जब वे घर से निकलते हैं, तो स्वयं महादेव ही उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। कावड़ लेकर पहुंचे भक्तों ने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर सनातन संस्कारों को ग्रहण करना चाहिए। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक शांति देती है, बल्कि साल भर के मानसिक तनाव से भी मुक्ति प्रदान करती है।
करनाल पहुंचने पर कावड़ियों का भव्य स्वागत किया गया और शहर में शोभा यात्रा भी निकाली जाएगी। कल महाशिवरात्रि के अवसर पर ये श्रद्धालु विधि-विधान के साथ शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।