करनाल की अदालत में वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है और अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। वकीलों की मुख्य नाराजगी नए बनाए गए ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स को लेकर है, जहां जजों के लिए नए कोर्ट रूम तो तैयार कर दिए गए हैं, लेकिन वकीलों और वादी-प्रतिवादियों के आने-जाने के लिए कोई उचित रास्ता नहीं छोड़ा गया है। वकीलों का आरोप है कि पुरानी और नई बिल्डिंग के बीच जो कनेक्टिविटी थी, उसे भी सुरक्षा के नाम पर बंद कर दिया गया है।
बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों का कहना है कि प्रशासन ने लिटिगेंट हॉल की जगह कोर्ट रूम तो बना दिए, लेकिन इसके लिए बार एसोसिएशन से कोई सलाह नहीं ली गई और न ही नक्शा दिखाया गया। वकीलों के अनुसार, जो थोड़ा-बहुत रास्ता बचा था, उसे भी रातभर में दीवार खड़ी करके बंद करने का प्रयास किया गया। अब वकीलों को नई अदालतों तक पहुंचने के लिए काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय की बर्बादी हो रही है और कामकाज प्रभावित हो रहा है।
वकीलों का कहना है कि करनाल बार में लगभग 4000 वकील हैं और प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग अदालती कामकाज के लिए आते हैं। ऐसे में मात्र डेढ़-दो फुट का रास्ता छोड़ना अव्यवहारिक है। वकीलों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ) से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की थी, लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने पर आज सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार (वर्क सस्पेंड) करने का निर्णय लिया गया।
प्रदर्शनकारी वकीलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुरानी और नई बिल्डिंग के बीच सुगम रास्ता बहाल नहीं किया जाता और वकीलों को विश्वास में लेकर समस्या का हल नहीं निकाला जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वकीलों की इस हड़ताल से अदालती कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को बिना किसी सुनवाई के वापस लौटना पड़ रहा है।