करनाल: हरियाणा के करनाल में करोड़ों रुपये के कथित धान घोटाले ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। करनाल पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा हैफेड के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस भ्रष्टाचार पर प्रहार मानी जा रही है जो दशकों से धान और गेहूं की खरीद के दौरान सामने आता रहा है। इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में गजटेड अधिकारियों को सीधे गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में तरावड़ी के फूड सप्लाई इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, इंद्री के इंस्पेक्टर रणधीर सिंह, असंध के हैफेड मैनेजर प्रमोद कुमार, निसिंग के हैफेड मैनेजर दर्शन सिंह और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन इंद्री के तकनीकी सहायक प्रदीप कुमार शामिल हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इन अधिकारियों को उनके आवासों से सुबह तड़के काबू किया।
एसआईटी की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि करोड़ों रुपये का धान घोटाला फर्जी कागजातों, मिलर्स और आढ़तियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई दागी अधिकारी वर्षों से करनाल जिले में ही तैनात थे और उन्हें बार-बार महत्वपूर्ण मंडियों का प्रभार दिया जाता रहा है। पुलिस अब इन अधिकारियों के रिमांड के दौरान घोटाले की गहराई तक पहुंचने का प्रयास करेगी, जिससे कई अन्य बड़े रसूखदारों और अधिकारियों के बेनकाब होने की संभावना है।
करनाल का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पिछले कई वर्षों से घोटालों के कारण चर्चा में रहा है। आरोप है कि यह विभाग न केवल अनाज की खरीद में हेराफेरी करता है, बल्कि गरीबों के राशन को भी डकार जाता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इन अधिकारियों की बेनामी संपत्तियों की जांच करने की योजना बना रहे हैं। फिलहाल, पकड़े गए अधिकारियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।