करनाल: शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में लागू होने वाले नए प्रावधानों के समर्थन में आज करनाल के जिला सचिवालय में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने केंद्र सरकार और प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों को तुरंत प्रभावी रूप से लागू करने की पुरजोर वकालत की।
सचिवालय परिसर में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना पक्ष रखा। प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि यह कानून शिक्षित युवाओं और विशेष रूप से पिछड़े एवं दलित वर्ग के बच्चों के लिए राहत लेकर आया था। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कुछ तत्वों द्वारा इस कानून के बारे में भ्रम फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, जो कि अनुचित है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि शैक्षणिक संस्थानों में उचित प्रतिनिधित्व और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इन नियमों का क्रियान्वयन अनिवार्य है।
उच्च न्यायालय द्वारा वर्तमान में लगाई गई रोक पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है। हालांकि, उन्होंने अपील की कि कोर्ट इस विषय पर जल्द से जल्द मंथन पूरा कर अपना अंतिम फैसला सुनाए। उन्होंने ‘तारीख पर तारीख’ की प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई में समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि राजकुमार सैनी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर इस मांग को लेकर ज्ञापन दिए जा रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक मूल निवासियों और पिछड़ों को उनके शैक्षणिक हक नहीं मिलते, तब तक सामाजिक समानता का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस मांग पत्र को उचित माध्यम से सरकार और संबंधित विभाग तक भेज दिया जाएगा। फिलहाल, सभी की नजरें न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं।