February 2, 2026
2 Feb 1

करनाल: अंतरिक्ष परी कल्पना चावला की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पैतृक शहर करनाल के टैगोर बाल निकेतन स्कूल में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष दिन पर न केवल देश की इस महान बेटी को याद किया गया, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली नई पीढ़ी की बेटियों का उत्साहवर्धन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्कूल प्रबंधन की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में करनाल शुगर मिल की एमडी अदिति (HCS) शामिल हुईं। उन्होंने कल्पना चावला की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य, प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

इस पुण्यतिथि की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 10 मेधावी छात्राओं को सम्मानित करना रहा। शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाली 10 होनहार छात्राओं को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। कुल 2.5 लाख रुपये की यह राशि ‘रूप एंड कंपनी’ और ‘ए.के. मेहरा मेमोरियल ट्रस्ट’ के सहयोग से वितरित की गई। यह परंपरा पिछले कई वर्षों से जारी है, जिसका उद्देश्य कल्पना चावला के सपनों को जीवित रखना और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।

मुख्य अतिथि अदिति ने अपने संबोधन में कहा कि कल्पना चावला ने एक छोटे से शहर से निकलकर अंतरिक्ष तक का सफर तय किया और पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कल्पना चावला को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भी सराहना की, जिनके मार्गदर्शन में ये बच्चे सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं।

स्कूल के अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह छात्रवृत्ति उन छात्राओं को दी जाती है जो 11वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं और जिन्होंने अपनी पिछली परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से योग्यता पर आधारित रखी गई है ताकि पारदिर्शता बनी रहे।

सम्मान पाने वाली छात्राओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि कल्पना चावला उनके लिए एक मार्गदर्शक सितारा हैं। छात्राओं ने साझा किया कि इसी स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर कल्पना चावला ने इतिहास रचा था, जिससे उन्हें और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और कल्पना चावला के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.