करनाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में पनप रहे भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के मुद्दों को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में भाजपा के नेता और विधायक जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अवैध कॉलोनियां काटकर अपनी जेबें भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि प्रदेश की जनता कष्ट में है, जबकि सत्ताधारी दल के प्रतिनिधि भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे ऐसे विधायकों की सूची जारी करें जो इन गतिविधियों में शामिल नहीं हैं, अन्यथा यह माना जाएगा कि पूरी व्यवस्था ही इसमें संलिप्त है। उन्होंने करनाल सहित रोहतक, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद और गुड़गांव जैसे शहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह समस्या पूरे प्रदेश में फैल चुकी है।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद हुड्डा ने इसे हरियाणा के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र के बजट से हरियाणा पूरी तरह ‘गायब’ है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा देश में सबसे ज्यादा जीएसटी और नेशनल हाईवे टोल कलेक्शन देने वाले राज्यों में शुमार है, लेकिन इसके बावजूद बजट में राज्य के लिए किसी नई परियोजना का प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने पुरानी परियोजनाओं जैसे महम इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सोनीपत रेल कोच फैक्ट्री के दूसरे राज्यों में चले जाने पर भी दुख व्यक्त किया।
रविदास जयंती के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समानता के संदेश को याद किया। उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई कि इतने बड़े पावन पर्व पर संसद की कार्यवाही जारी रखी गई और राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किया गया। उन्होंने इसे भाजपा का संतों के प्रति अनादर करार दिया और बताया कि इसी विरोध स्वरूप वे स्वयं संसद की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए।
मनरेगा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के बजट में कटौती करना सरकार की गरीब विरोधी सोच को दर्शाता है। साथ ही, विदेशों में भारतीय युवाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को उन्होंने कमजोर विदेश नीति का परिणाम बताया। अंत में उन्होंने दोहराया कि वर्तमान सरकार केवल कागजों और बातों में विकास दिखा रही है, जबकि धरातल पर मेट्रो विस्तार जैसी योजनाएं एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी हैं।