हरियाणा के करनाल जिले के अशोक नगर इलाके में विकास कार्यों के दौरान हुई लापरवाही ने स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया। इलाके में सीवरेज डालने और नाला निर्माण के लिए सड़कों की खुदाई की जा रही थी, लेकिन योजना की कमी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह विकास कार्य लोगों के लिए आफत बन गया। जेसीबी से खुदाई के दौरान पानी की मुख्य पाइपलाइनें टूट गईं, जिससे पूरी गली में पानी भर गया और कई घरों के सामने गहरे गड्ढे हो गए।
घटना से आक्रोशित महिलाओं और बुजुर्गों ने जमकर हंगामा किया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जेसीबी चालक और ठेकेदार के कर्मचारियों ने विरोध करने पर उनके साथ बदतमीजी की और गाली-गलौज तक की। लोगों की शिकायत थी कि बिना किसी पूर्व सूचना के दोनों तरफ से रास्ते बंद कर दिए गए, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना भी दूभर हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नगर पार्षद (MC) जोगिंदर शर्मा सुबह-सुबह वार्ड में पहुँचे और लोगों की समस्याएं सुनीं।
पार्षद को सामने देखकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पूछा कि जब इतना नुकसान हो रहा था, तब कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं था। इस पर एमसी ने स्पष्ट किया कि वे कल शहर से बाहर थे और उन्हें जैसे ही जानकारी मिली, वे तुरंत समाधान के लिए पहुँचे हैं। उन्होंने स्वयं को एक ‘शरीफ’ और धरातल से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे वार्ड की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने वार्डवासियों से अपील की कि बड़े विकास कार्यों के दौरान थोड़ी परेशानी तो होती है, लेकिन 10 से 15 दिनों के भीतर अशोक नगर की सड़कें और सीवरेज सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।
नगर पार्षद ने मौके पर ही ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए कि खुदाई के दौरान जिन लोगों के पानी के पाइप टूटे हैं या थड़े क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ठेकेदार अपने खर्च पर ठीक करवाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बदतमीजी करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। वार्ड में राजनीति और ‘दो फाड़’ होने की चर्चाओं के बीच, पार्षद ने विश्वास दिलाया कि वे बिना किसी भेदभाव के काम कर रहे हैं। फिलहाल, इलाके से पानी निकालने के लिए टैंकर बुलाए गए हैं और मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है।