हरियाणा में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर से सभी को चौंका दिया है। पिछले दो-तीन दिनों से निकल रही तेज धूप के बाद शनिवार सुबह अचानक घने कोहरे ने दस्तक दी, जिससे विशेष रूप से नेशनल हाईवे पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। करनाल-दिल्ली चंडीगढ़ हाईवे पर कोहरे का असर इतना अधिक देखा गया कि सुबह के करीब 11 बजे भी विजिबिलिटी (दृश्यता) बिल्कुल शून्य बनी रही।
हाईवे पर सफर कर रहे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करनाल से पानीपत के बीच पूरे रूट पर घना कोहरा छाया हुआ है। स्थिति यह है कि मात्र 15 फुट की दूरी से भी सामने से आ रहे बड़े वाहन जैसे ट्रक और बसें नजर नहीं आ रही हैं। विजिबिलिटी जीरो होने के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है और चालक अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स और इंडिकेटर्स जलाकर बेहद धीमी गति से चलने को मजबूर हैं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना था कि अब धीरे-धीरे ठंड कम होगी और कोहरा छंट जाएगा, लेकिन आज के हालात ने उम्मीदों के विपरीत ठंड को एक बार फिर बढ़ा दिया है। कोहरे के साथ-साथ चल रही शीतलहर ने तापमान में गिरावट ला दी है। हाईवे के किनारे स्थित ढाबों और अन्य स्थानों पर लोग कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए अलाव और अलाव का सहारा लेते हुए देखे जा रहे हैं। शहर के मुकाबले हाईवे पर कोहरे का घनत्व कहीं अधिक दर्ज किया गया है।
प्रशासन और सुरक्षा विशेषज्ञों ने वाहन चालकों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे हाईवे पर चलते समय विशेष सावधानी बरतें। कोहरे के दौरान ओवरटेकिंग से बचें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, क्योंकि जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। फिलहाल, दोपहर तक कोहरा इसी तरह बने रहने की संभावना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में अधिक समय लग सकता है।