करनाल की पश्चिमी यमुना नहर में मिले एक व्यक्ति के शव की पहचान चंडीगढ़ के रहने वाले प्रतिष्ठित ज्वेलरी व्यापारी श्याम सुंदर के रूप में हुई है। गोताखोरों की मदद से नहर से निकाले गए इस शव की तलाशी लेने पर पुलिस को मृतक की जेब से ₹40,500 की नगदी, एक काले रंग का पर्स, तीन क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड बरामद हुए। इन दस्तावेजों की मदद से पुलिस मृतक के परिवार तक पहुँचने में सफल रही।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि 45 वर्षीय श्याम सुंदर चंडीगढ़ के सेक्टर-39 के निवासी थे और वहां तीन-चार भागीदारों के साथ मिलकर ज्वेलरी का कारोबार करते थे। पिछले कुछ समय से व्यापार में हो रहे लगातार घाटे के कारण वे गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। इसी परेशानी के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। परिवार ने 20 तारीख को चंडीगढ़ में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शव की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने करीब 6-7 दिन पहले ही नहर में छलांग लगाई थी। क्रेडिट कार्ड के जरिए बैंक से संपर्क कर उनके बेटे का नंबर प्राप्त किया गया, जिसके बाद परिजनों ने मोर्चरी हाउस पहुँचकर शव की शिनाख्त की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव और बरामद सामान उनके बड़े भाई सुशील कुमार के सुपुर्द कर दिया है।
श्याम सुंदर के परिवार में उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र करीब 17-18 वर्ष है। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है, हालांकि प्रारंभिक साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर इसे व्यापारिक नुकसान से उपजे तनाव के कारण की गई आत्महत्या माना जा रहा है।