पहाड़ों की रानी शिमला ने वर्ष 2026 की अपनी पहली बर्फबारी के साथ सफेद चादर ओढ़ ली है। इस ताज़ा हिमपात के बाद शिमला का प्रसिद्ध ‘रिज’ और उसके आसपास की इमारतें अद्भुत और आकर्षक नजर आ रही हैं। तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा के मैदानी इलाकों से बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुँच रहे हैं।
बर्फबारी जहाँ सौंदर्य लेकर आई है, वहीं इसने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए कुछ चुनौतियाँ भी खड़ी कर दी हैं। रिज और मॉल रोड के आसपास जमी हुई बर्फ अब धीरे-धीरे पिघल रही है, जिससे रास्तों पर भारी फिसलन हो गई है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे ऊँचाई वाले क्षेत्रों और बाज़ारों में घूमते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि गिरने या चोट लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। नगर निगम द्वारा रिज से बर्फ हटाकर किनारों पर बड़े-बड़े ढेर लगा दिए गए हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन होने की वजह से भारी वाहनों को चलाने में कठिनाई आ रही है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने टायरों की हवा थोड़ी कम रखें या टायरों पर लोहे की चेन का उपयोग करें ताकि टायर सड़क पर पकड़ बना सकें। वीकेंड होने के कारण चंडीगढ़-शिला मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखी जा रही है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त समय लेकर चलें क्योंकि जाम में दो से तीन घंटे का समय लग सकता है।
प्रशासन ने सभी होटलों और पर्यटक स्थलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और भारी ऊनी कपड़ों के साथ पूरी तैयारी से आएँ। यदि कोई पर्यटक या वाहन रास्ते में फँसता है, तो वे तुरंत स्थानीय हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।