बसंत पंचमी के दिन मौसम के बदले मिजाज और तेज बारिश के बीच करनाल में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां बलड़ी बाईपास के पास फ्लाईओवर से उतरते ही एक तेज रफ्तार वॉल्वो बस ने आगे चल रहे एक कैंटर ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर अनियंत्रित होकर बीच हाईवे पर पलट गया। इस हादसे के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और कैंटर में भरा मसाला कंपनी का पैकिंग मटेरियल सड़क पर बिखर गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब इलाके में तेज बारिश हो रही थी और ठंडी हवाएं चल रही थीं। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, कैंटर के पलटने से हाईवे की रेलिंग टूट गई और सड़क पर सामान बिखरने से अन्य वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया। सूचना मिलते ही हाईवे पुलिस और डायल 112 की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने यातायात को सुचारू करने और पलटे हुए कैंटर को हटाने के लिए बड़ी हाइड्रा क्रेन मंगवाने की कवायद शुरू कर दी है। चूंकि कैंटर पूरी तरह से लोडेड है, इसलिए उसे सीधा करने में कई घंटे लगने की संभावना जताई जा रही है।
हादसे के अलावा, मौसम ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, करनाल और आसपास के इलाकों में रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश और शिमला में हुई ताजा बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ देखा जा रहा है। बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे ठंड एक बार फिर लौट आई है। पिछले कुछ दिनों से निकल रही धूप से लोगों को लग रहा था कि सर्दी जा चुकी है, लेकिन इस बारिश और ठंडी हवाओं ने फिर से ठिठुरन बढ़ा दी है।
प्रशासन और पुलिस ने खराब मौसम को देखते हुए वाहन चालकों से हाईवे पर चलते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बारिश के कारण दृश्यता कम हो जाती है और सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। यह हादसा भी संभवतः बारिश और कम दृश्यता के कारण ही हुआ हो सकता है, जहां वॉल्वो बस चालक ने नियंत्रण खो दिया। अधिकारियों का कहना है कि पलटे हुए वाहन को जल्द से जल्द हटाना प्राथमिकता है ताकि कोई और दुर्घटना न हो।
वहीं, बसंत पंचमी के अवसर पर पतंगबाजी के शौकीनों के लिए भी यह मौसम निराशाजनक साबित हो रहा है। तेज हवा और बारिश के कारण बच्चे छतों पर पतंग नहीं उड़ा पा रहे हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाकर रखें और उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं। इसके साथ ही, दोपहिया वाहन चालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि बसंत पंचमी पर चाइनीस डोर (मांझा) से गर्दन और चेहरे पर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। शहर में धीमी गति से वाहन चलाने और हेलमेट का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अभी कुछ समय तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और यदि निकलना जरूरी हो तो पूरी तरह से गर्म कपड़ों और रेनकोट या छाते का इंतजाम करके ही निकलें। फिलहाल, पुलिस क्रेन की मदद से हाईवे को साफ करने में जुटी है ताकि यातायात को पूरी तरह से बहाल किया जा सके।