करनाल के सबसे व्यस्त और मुख्य बाजार, करण गेट मार्केट में नगर निगम ने एक बार फिर अतिक्रमण के खिलाफ अपनी मुस्तैदी दिखाई है। बाजार में लगातार बढ़ती भीड़ और सड़क पर अवैध रूप से रखे सामान के कारण लगने वाले जाम की शिकायतों के मद्देनजर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम ने औचक निरीक्षण किया।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने दुकानों के बाहर पीली पट्टी के पार रखे गए सामान को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया। इसमें विज्ञापनों के बोर्ड, कपड़े, जूतों के काउंटर और यहां तक कि डिस्प्ले के लिए लगाई गई मेजों को भी जब्त कर लिया गया। निगम की गाड़ी लगातार बाजार में घूमती रही और लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वे अपना सामान दुकान की सीमा के भीतर ही रखें। अधिकारियों ने साफ किया कि यदि भविष्य में सामान बाहर पाया गया, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा और किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।
इस अभियान के दौरान बाजार में तीखी बहस और नाराजगी भी देखने को मिली। कुछ दुकानदारों ने निगम की इस कार्रवाई को ‘गरीब मार’ बताया और तर्क दिया कि छोटे दुकानदार कर्ज लेकर अपना घर चलाते हैं, ऐसे में उन्हें हटाना उनके मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए घातक हो सकता है। पॉलिथीन बैन को लेकर भी दुकानदारों ने सवाल उठाए और मांग की कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान शहर को व्यवस्थित बनाने और यातायात सुचारू करने के लिए अनिवार्य है। बाजार में शॉपिंग के लिए आने वाले लोगों को जगह न मिल पाने की वजह से अक्सर हादसे और अव्यवस्था होती है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि पीली पट्टी लक्ष्मण रेखा की तरह है और इसे पार करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालान और जब्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।