हरियाणा के करनाल में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में विभाग के कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया है, जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कर्मचारी अपने परिवार का भरण-पोषण करने और बच्चों की स्कूल फीस भरने तक में असमर्थ हैं।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में दो श्रेणियां शामिल हैं। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जबकि ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत कर्मचारियों का वेतन पिछले नौ महीनों से बकाया है। करनाल जिले के नौ केंद्रों पर लगभग 300 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं, जो चौकीदारी से लेकर बोरे उठाने और अनाज की देखरेख जैसे भारी काम करते हैं।
कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे कई बार उच्चाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। एक कर्मचारी ने भावुक होते हुए बताया कि उसके डेढ़ साल के बच्चे का इलाज पैसों की कमी के कारण रुक गया है, जबकि एक अन्य कर्मचारी के घर का बिजली कनेक्शन बिल न भरने के कारण काट दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि काम उनसे पूरा लिया जाता है, लेकिन जब वेतन की बात आती है, तो अधिकारी और ठेकेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अधिकारियों के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि अधिकारी फाइलों और हस्ताक्षरों के नाम पर देरी कर रहे हैं। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे काम पूरी तरह बंद कर देंगे और केंद्रों से अनाज का एक दाना भी नहीं उठने देंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी जायज मांगों को तुरंत पूरा किया जाए ताकि उनके घरों का चूल्हा जल सके।