किसानों की मेहनत को कम करने और खेती व पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में करनाल में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यमुनानगर, शाहबाद और कुरुक्षेत्र के बाद अब ‘किसान टूल’ ने अपनी नई शाखा करनाल के सेक्टर 33, नर्सी विलेज पार्ट-2 में खोली है। इस नए आउटलेट पर किसानों को आधुनिक खेती और पशुपालन से जुड़े ऐसे उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो समय की बचत के साथ-साथ कार्यक्षमता को भी बढ़ाते हैं।
पशुपालन क्षेत्र में सबसे बड़ी राहत ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन (दूध निकालने की मशीन) के रूप में दी जा रही है। अब किसानों को अपने हाथों से पशुओं का दूध निकालने की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। ये मशीनें गाय और भैंस दोनों के लिए उपयुक्त हैं और इनमें ‘फूड ग्रेड’ लाइनर्स का उपयोग किया गया है जो पशुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये मशीनें बिजली के साथ-साथ इन्वर्टर पर भी काम कर सकती हैं।
फसल सुरक्षा के लिए यहां विशेष ‘झटका मशीनें’ उपलब्ध हैं। ये मशीनें आवारा जानवरों से फसल को बचाने में अत्यंत प्रभावी हैं। इनमें पांच एकड़ से लेकर 100 एकड़ तक की जमीन को कवर करने वाले अलग-अलग मॉडल मौजूद हैं। सबसे उन्नत मॉडल में सायरन, टाइमर और नाइट मोड जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सायरन तकनीक से तार टूटने की सूचना मिल जाती है, जबकि नाइट मोड केवल रात के समय मशीन को सक्रिय रखने की सुविधा देता है। इसके अलावा, किसान इन मशीनों के माध्यम से अपना मोबाइल भी चार्ज कर सकते हैं।
तकनीकी क्रांति के रूप में यहां एक ऐसा डिवाइस पेश किया गया है जिससे किसान घर बैठे मोबाइल फोन के माध्यम से अपनी पानी की मोटर को चालू या बंद कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कड़ाके की ठंड या रात के समय खेतों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
महिलाओं के कार्यभार को कम करने के लिए उपले बनाने वाली मशीन और पशुओं द्वारा लात मारने से रोकने वाली ‘काऊ एंटी-किक बार’ जैसे छोटे लेकिन उपयोगी टूल भी यहां उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, बैटरी से चलने वाले ग्रास ट्रिमर और स्प्रे पंप भी किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। संस्थान का दावा है कि ये सभी उपकरण डिस्काउंटेड दरों पर मिल रहे हैं और जो किसान शोरूम तक नहीं पहुंच सकते, उनके लिए पूरे भारत में फ्री होम डिलीवरी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।