हरियाणा के पानीपत जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एंटी नारकोटिक्स सेल के तीन पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार और डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। करनाल की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) यानी विजिलेंस शाखा ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पुलिसकर्मियों में एक एएसआई (ASI) और दो हेड कांस्टेबल शामिल हैं, जो वर्तमान में फरार बताए जा रहे हैं।
मामले का खुलासा मेवात निवासी नियामत द्वारा दी गई शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, पानीपत के समालखा में तैनात एंटी नारकोटिक्स सेल के अधिकारी उसके एक रिश्तेदार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रिश्तेदार का नाम एक पुराने नशीले पदार्थ तस्करी के मामले से जोड़ने का डर दिखाकर 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह मामला एक कैंटर की फर्जी आरसी से संबंधित था, जिसमें शिकायतकर्ता के रिश्तेदार का कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन पुलिसकर्मी केवल मोबाइल में नंबर सेव होने के आधार पर उसे प्रताड़ित कर रहे थे।
भ्रष्टाचार के इस खेल में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान एएसआई सुनील, हेड कांस्टेबल चांद फोगाट और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि सौदा 2 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें से 1 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। शेष राशि देने के लिए जब विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और समालखा स्थित कार्यालय पर छापेमारी की, तो पुलिसकर्मियों को सरकारी गाड़ी देखकर भनक लग गई। गिरफ्तारी के डर से तीनों आरोपी मौके से रफूचक्कर हो गए।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपियों द्वारा दी गई धमकी है। शिकायतकर्ता के पास मौजूद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी चांद फोगाट को यह कहते सुना जा सकता है कि वह पूरे परिवार को निर्दोष होते हुए भी जेल की सलाखों के पीछे डलवा देगा। उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि मामला चाहे हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाए, वह सबको फंसा देगा।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस की अब तक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। नियामत, जो पहले भी कई भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर चुके हैं, उन्होंने कहा कि वे रिश्वतखोरों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगे। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।