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लोअर मेरिट की काली सूची में शामिल कर नौकरी से हटाए गए जेबीटी शिक्षकों ने सोमवार को जिला सचिवालय से पेट्रोप पंप चौक तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नारे लगाते हुए महिला और पुरुष शिक्षकों ने सरकार को जमकर कोसा। बाद में एडीसी को ज्ञापन सौंप कर शीघ्र स्कूलों में ज्वाइनिंग देने की मांग की गई। इस मौके पर राकेश जांगड़ा और मुकेश डिडवानिया ने कहा कि एक तरफ सरकार युवाओं को रोजगार देने का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि दूसरी ओर योग्य युवाओं को प्रताडि़त करने का काम किया जा रहा है।

1259 जेबीटी शिक्षकों को एक महीना नौकरी पर रखने के बाद हटा देना सरासर अन्याय है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और सरकारी तंत्र ने कानून की धज्जियां उड़ाने का काम किया है। सरकार की तानाशाही कार्रवाई के कारण दो शिक्षक सदमें में आकर मौत का ग्रास बन गए। 1257 शिक्षकों और उनके परिवारों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक संकट से जूझ रहे हैं। पिछले तीन महीनों में बार-बार झूठे आश्वासन देकर शिक्षकों को गुमराह करने काम किया गया। इस बार ज्वाइनिंग लेटर मिलने के बाद ही क्रमिक अनशन समाप्त किया जाएगा। दो दिन बाद आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओमप्रकाश सिहमार, कृष्ण शर्मा, रोशनलाल, ओमप्रकाश, सुशील गुर्जर और अशोक पांचाल ने समर्थन देते हुए कहा कि कर्मचारी शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। शिक्षकों को उनका हक मिलना चाहिए। इस अवसर पर पंकजरानी, कुलदीप, जगत, राजेंद्र, संजय पांचाल, सुरेंद्र, संदीप, अरूण, रमेश, महेंदर पाल, महावीर, सुरेश, सुशील, वीर सिंह, नरेंद्र,  तेजवीर, संजय, हरीश, सुशील, सोनू, श्रवण व रमेश मौजूद रहे।

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