हरियाणा के करनाल में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान जारी है। इसी कड़ी में मेरठ रोड पर स्थित दर्जनों अवैध ढाबों और खोखों पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुड्डा) का ‘पीला पंजा’ चला है। सालों से जमे हुए इन ढाबों को प्रशासन ने कुछ ही घंटों में जमींदोज कर दिया। मेरठ रोड, जो अपनी खान-पान की दुकानों के लिए जाना जाता था, वहां अब केवल मलबे के ढेर नजर आ रहे हैं। यह कार्रवाई हुड्डा विभाग के अधिकारियों की देखरेख और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंजाम दी गई।
जानकारी के अनुसार, मेरठ रोड के इस हिस्से को हुड्डा ने वर्ष 2012 में ग्रीन बेल्ट विकसित करने के उद्देश्य से अधिग्रहित (Acquire) किया था। अधिग्रहण से पहले यहाँ कई निजी संपत्तियां थीं जहाँ दुकानदार किराया देकर अपना काम करते थे, लेकिन अधिग्रहण के बाद यह पूरी जमीन सरकारी रिकॉर्ड में आ गई। तब से यहाँ चल रहे लगभग 20-25 ढाबे और चाय-कॉफी के खोखे अवैध कब्जे की श्रेणी में आ गए थे। विभाग द्वारा समय-समय पर इन्हें हटाने के नोटिस जारी किए जाते रहे, लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम चेतावनी जारी की थी।
हुड्डा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से 5 दिन पहले ही सभी ढाबा संचालकों के साथ बैठक की गई थी और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपना कीमती सामान और मशीनरी यहाँ से हटा लें। अधिकारियों के अनुसार, संचालकों ने प्रशासन का सहयोग किया और पीला पंजा चलने से पहले ही अपना अधिकांश सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया था। यही कारण रहा कि कार्रवाई के दौरान कोई बड़ा विरोध देखने को नहीं मिला और शांतिपूर्ण तरीके से डिमोलिशन की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह कार्रवाई उन 70 से 80 परिवारों के लिए एक बड़ा झटका है जिनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया ये ढाबे ही थे। इनमें से कई दुकानें और ढाबे पिछले 20 से 25 वर्षों से यहाँ संचालित थे। अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत की कमाई को मलबे में तब्दील होते देख कई दुकानदार भावुक नजर आए। कुछ संचालकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें कहीं और वैकल्पिक जगह मुहैया कराई जाए ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जगह आवंटित करना सरकार की योजनाओं और नियमों पर निर्भर करता है और इसके लिए उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
प्रशासन का कहना है कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाना अनिवार्य है। अक्सर इन ढाबों और रेड़ियों के बाहर वाहन खड़े होने के कारण मेरठ रोड पर लंबा जाम लग जाता था। अधिकारियों ने अन्य स्ट्रीट वेंडर्स और रेड़ी संचालकों को भी संदेश दिया है कि वे मुख्य सड़कों से पीछे हटकर अपना काम करें ताकि यातायात बाधित न हो। आने वाले समय में यहाँ ग्रीन बेल्ट का निर्माण किया जाएगा ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। फिलहाल, मेरठ रोड पर यह बड़ी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है और प्रभावित दुकानदार अब अपनी अगली आजीविका की तलाश में भटक रहे हैं।