February 27, 2026
27 Feb 18

करनाल पुलिस ने कैब ड्राइवर हत्याकांड और लूट की गुत्थी सुलझाने के बाद आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सीआईए-2 (CIA-2) की टीम फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के विशेषज्ञों के साथ दोनों आरोपियों को लेकर करनाल के सेक्टर-9 पहुंची, जहाँ वारदात के बाद लुटी गई अर्टिगा गाड़ी को छुपाया गया था। पुलिस ने न केवल गाड़ी बरामद कर ली है, बल्कि उस ‘परने’ को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिससे आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से ड्राइवर का गला घोंटा था। मौके पर आरोपियों की निशानदेही पर सीन रिक्रिएशन किया गया ताकि कत्ल की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके।

यह पूरा मामला 23 फरवरी का है, जब दिल्ली से एक उबर (Uber) कैब को करनाल के कैमला गांव के लिए बुक किया गया था। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से ड्राइवर को अपने झांसे में लिया और उसे दिल्ली से करीब 120 किलोमीटर दूर कैमला तक लेकर आए। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों का मुख्य उद्देश्य लूटपाट करना था। कैमला गांव की सीमा में दाखिल होते ही पैसों और लूट की नीयत को लेकर ड्राइवर के साथ उनकी बहस हुई। इसके बाद, गाड़ी में पीछे बैठे आरोपियों ने अपने पास मौजूद एक परने से ड्राइवर का गला पीछे से दबा दिया। दम घुटने के कारण ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के इरादे से ड्राइवर के शव को करनाल की जानी नहर के पास फेंक दिया और गाड़ी लेकर वहां से फरार हो गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी, जो कैमला गांव का ही रहने वाला है, उसे हिमाचल प्रदेश के शिमला से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके दूसरे साथी को पानीपत के पास से पकड़ा गया। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने लूटी गई टैक्सी को करनाल के सेक्टर-9 के एक सुनसान इलाके में खड़ा कर दिया था।

आज जब सीआईए की टीम आरोपियों को सेक्टर-9 लेकर पहुंची, तो वहां गाड़ी लावारिस हालत में खड़ी मिली। एफएसएल की टीम ने गाड़ी की बारीकी से जांच की और फिंगरप्रिंट्स व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जांच अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त परना भी आरोपियों के पास से बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी प्रवीण उर्फ पिन्ना शिमला भाग गया था, जिसे एक विशेष टीम ने वहां के माल रोड से धर दबोचा। आरोपी फिलहाल तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं, जिस दौरान उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था या क्या उन्होंने पहले भी ऐसी किसी लूट को अंजाम दिया है।

मृतक ड्राइवर शाहरुख, जो दिल्ली का रहने वाला था, उसके परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जिस तरह से इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया, वह उनकी आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है। पुलिस अब इस मामले में जल्द से जल्द चालान पेश कर आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने की तैयारी कर रही है। बरामद की गई अर्टिगा गाड़ी और हत्या में प्रयुक्त सामान को केस प्रॉपर्टी के तौर पर शामिल किया गया है। इस कार्रवाई ने टैक्सी चालकों की सुरक्षा और नेशनल हाईवे पर बढ़ती लूटपाट की वारदातों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, पुलिस अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

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