रंगों का पावन त्यौहार होली अब बस कुछ ही दिन दूर है और इसकी जीवंत छटा करनाल के बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। शहर का मुख्य बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, अनोखी पिचकारियों और विभिन्न प्रकार के होली गैजेट्स से पूरी तरह सज चुका है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस त्यौहार की तैयारियों में डूबा नजर आ रहा है। इस वर्ष बाजार में कई ऐसे आधुनिक और पारंपरिक उत्पाद आए हैं, जो होली के उत्साह को दोगुना कर रहे हैं।
बाजार में इस बार तकनीक और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बच्चों के लिए विशेष रूप से ‘इलेक्ट्रिक गन’ और ‘इलेक्ट्रिक पिचकारियां’ उपलब्ध हैं, जो बिना ज्यादा मेहनत के पानी की बौछार करती हैं। इसके अलावा, कोल्ड ड्रिंक की बोतलों जैसे दिखने वाली ‘स्प्राइट’, ‘फैंटा’ और ‘थम्स अप’ स्टाइल की पिचकारियां युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही हैं। एक और अनोखा उत्पाद ‘बंच ऑफ बलून’ है, जिसे नल से जोड़ते ही दर्जनों गुब्बारे एक साथ भरकर तैयार हो जाते हैं, जिससे समय की काफी बचत होती है।
पिचकारियों की श्रेणी में इस बार ‘छतरी वाली पिचकारी’ सबसे अधिक चर्चा बटोर रही है। यह पिचकारी न केवल दूसरों पर पानी डालने के काम आती है, बल्कि इसकी छतरी खोलकर उपयोगकर्ता दूसरों द्वारा डाले गए पानी से खुद का बचाव भी कर सकता है। वहीं, धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए ‘लड्डू गोपाल’ (कान्हा जी) की विशेष छोटी पिचकारियां और गुलाल भी बाजार में उपलब्ध हैं, ताकि भक्त अपने आराध्य के साथ भी होली का आनंद ले सकें।
रंगों की बात करें तो इस बार मिलावट के डर से बचने के लिए ग्राहकों का झुकाव ‘हर्बल’ और ‘ऑर्गेनिक’ गुलाल की तरफ ज्यादा है। दुकानदार फल और प्राकृतिक फूलों से बने रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार में एक और विशेष राजस्थानी उत्पाद ‘गुलाल गोटा’ पहली बार करनाल पहुँचा है। लाख से बने ये बेहद पतले और नाजुक गोले होते हैं, जिनके अंदर गुलाल भरा होता है। इन्हें फेंकने पर ये बिना किसी को चोट पहुँचाए फूट जाते हैं और गुलाल बिखर जाता है। यह उत्पाद राजस्थान की पारंपरिक होली का अहसास करनालवासियों को करा रहा है।
बाजार में केवल रंग और पिचकारियां ही नहीं, बल्कि प्रैंक (शरारत) करने के लिए विभिन्न प्रकार के डरावने और मजाकिया मुखौटे (मास्क), रंग-बिरंगे विग और विशेष रूप से डिजाइन किए गए ‘होली गॉगल्स’ भी खूब बिक रहे हैं। कुछ गॉगल्स और गन ऐसे भी हैं जिनसे प्रैंक किया जा सकता है, जैसे ‘प्रैंक गन’ जिसमें ट्रिगर दबाने पर पानी चलाने वाले पर ही वापस गिरता है।
व्यापारियों का कहना है कि इस साल बाजार में रौनक पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है और लोग नए-नए गैजेट्स की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं। रंगों के सिलेंडर और अनार भी बाजार में उपलब्ध हैं जिनसे रंगीन गुलाल की बौछार की जा सकती है।
जैसे-जैसे त्यौहार नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे शांतिमय और सुरक्षित तरीके से होली मनाएं। हुड़दंगबाजी और किसी को परेशान करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को मुख्य धुलेंडी (रंग वाली होली) मनाई जाएगी। करनाल ब्रेकिंग न्यूज की ओर से भी सभी नागरिकों को सुरक्षित और खुशियों भरी होली की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।