February 19, 2026
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हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी क्षेत्र में एक हृदय विदारक दुर्घटना घटी है, जहां सिंचाई विभाग की पाइपलाइन बिछाने के दौरान मिट्टी की भारी परत गिरने से दो मजदूरों की दबकर मौत हो गई। यह हादसा तरावड़ी-सौकड़ा मार्ग पर पुलिया के पास उस समय हुआ जब मजदूर करीब 10-12 फीट गहरे गड्ढे में पाइप बिछाने और मसाला तैयार करने के कार्य में जुटे थे। अचानक ऊपर से मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा, जिससे वहां काम कर रहे दो श्रमिक पूरी तरह मिट्टी के नीचे दब गए।

मृतकों की पहचान शामली गांव निवासी रामपाल (43 वर्ष) और भिवानी निवासी आसाराम के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों व साथी श्रमिकों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिट्टी इतनी अधिक थी कि मजदूरों को बाहर निकालने में करीब आधा घंटा लग गया। जब तक उन्हें मिट्टी से बाहर निकालकर तरावड़ी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, तब तक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रामपाल की पत्नी ने बताया कि सुबह मौसम खराब होने के कारण मजदूर काम पर नहीं जाना चाहते थे, लेकिन ठेकेदार के दबाव में उन्हें आना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा का कोई भी प्रबंध नहीं था। यदि श्रमिकों को हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण दिए गए होते, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। मृतक रामपाल अपने पीछे तीन मासूम बच्चों और पत्नी को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए वह एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनकी मृत्यु से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।

परिजनों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने ठेकेदार और मशीनी ऑपरेटर पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि जेसीबी चलाने वाला व्यक्ति प्रशिक्षित नहीं था, जिसके कारण मिट्टी की कटाई सही तरीके से नहीं की गई और वह कमजोर होकर गिर गई। सिंचाई विभाग के इस प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिससे अब विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

तरावड़ी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी हाउस में भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सुबह करीब 11 बजे सौकड़ा के पास हादसे की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि मजदूर 8 से 10 फीट गहरे नाले में काम कर रहे थे जब मिट्टी धंस गई।

फिलहाल, पुलिस परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि परिजनों की ओर से लापरवाही की लिखित शिकायत दी जाती है, तो ठेकेदार और संबंधित विभाग के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से न्याय व उचित मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं ताकि अनाथ हुए बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

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