करनाल: हरियाणा के मुख्यमंत्री के शहर करनाल में विकास की दावों के बीच एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। शहर की प्रमुख सड़कों में से एक, जो सिंगल पिलर फ्लाईओवर के निर्माण के कारण डायवर्टेड ट्रैफिक का मुख्य मार्ग बनी हुई है, उसकी मरम्मत के नाम पर संबंधित विभाग द्वारा केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। सड़क पर बने कई-कई फुट गहरे गड्ढों को सीमेंट या तारकोल के बजाय केवल मोटे पत्थरों और मिट्टी से भरकर ‘मेकअप’ किया जा रहा है।
इस घटिया मरम्मत कार्य का आलम यह है कि जैसे ही इस मार्ग से रोडवेज बसें या अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, टायरों के नीचे आकर ये पत्थर गोलियों की तरह उछलते हैं। इससे न केवल अन्य वाहनों के शीशे टूटने का डर बना रहता है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भी गंभीर चोट लगने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि विभाग पहले भी तीन-चार बार इसी तरह का ‘पैच वर्क’ कर चुका है, जो कुछ ही घंटों में फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाता है।
सड़क पर उड़ती धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह है कि राहगीरों को सड़क पर चलते हुए धूल के गुबार का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह रही कि जब निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए मीडिया की टीम मौके पर पहुंची, तो वहां काम कर रही लेबर कैमरा देखते ही काम छोड़कर भाग खड़ी हुई। लेबर ने न तो अपने ठेकेदार का नाम बताया और न ही यह स्पष्ट किया कि इस तरह का घटिया मटेरियल किसके आदेश पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
जनता का आरोप है कि प्रशासन उनके सब्र का इम्तिहान ले रहा है। लोगों का कहना है कि शहर की किसी भी सड़क पर 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से गाड़ी चलाना नामुमकिन हो गया है। नागरिकों ने सरकार और संबंधित विभाग से अपील की है कि वे विकास कार्यों के नाम पर जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ न करें और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का उपयोग कर सड़क का स्थाई समाधान निकालें।