करनाल की पॉश मानी जाने वाली अल्फा सिटी के निवासी पिछले काफी समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कॉलोनी की टूटी सड़कें, गहरे गड्ढे और कम्युनिटी सेंटर का नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक उपयोग जैसे मुद्दों को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। निवासियों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला नगर योजनाकार (DTP) गुंजन स्वयं अल्फा सिटी पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
अल्फा सिटी के निवासियों ने डीटीपी के समक्ष अपना दुखड़ा रोते हुए बताया कि कॉलोनाइजर ने प्लॉट बेचते समय सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज हकीकत कुछ और ही है। कॉलोनी की सड़कें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसें अंदर आने से कतराती हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। निवासियों ने आरोप लगाया कि कॉलोनाइजर शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं कर रहा है।
सड़कों के अलावा, कॉलोनी के कम्युनिटी सेंटर को एक बैंकेट हॉल के रूप में किराए पर दिए जाने का मुद्दा भी गरमाया रहा। निवासियों का कहना है कि कम्युनिटी सेंटर को गैर-कानूनी तरीके से रेंट आउट किया गया है, जबकि यह निवासियों की सुविधा के लिए होना चाहिए था। डीटीपी गुंजन ने निवासियों के साथ करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक की और उनकी मांगों को विस्तार से सुना। बैठक के बाद उन्होंने निवासियों के साथ पूरी कॉलोनी का फील्ड विजिट किया और टूटी हुई सड़कों व विवादित बैंकेट हॉल का निरीक्षण किया।
डीटीपी गुंजन ने स्पष्ट किया कि विभाग निवासियों की शिकायतों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के आधार पर पूर्व में भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन अब सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक जनता संतुष्ट नहीं होगी, तब तक सीएम विंडो की शिकायतों को बंद नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस रुख से अल्फा सिटी के निवासियों में जल्द समाधान की उम्मीद जागी है।