January 28, 2026
28 Jan 2

ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने भारतीय आभूषण बाजार में पारदर्शिता और भरोसे का एक नया मानक स्थापित किया है। टाटा समूह की इस कंपनी ने अब अपने ग्राहकों के लिए हीरों की शुद्धता और उनके प्राकृतिक या लैब-ग्रोन होने की जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें पेश की हैं। करनाल के नूर महल में आयोजित ‘हाई वैल्यू स्टडेड एग्िबिशन’ के दौरान ग्राहकों को पहली बार अपनी डायमंड ज्वेलरी को लाइव टेस्ट करने का अवसर मिला।

अब तक बाजार में केवल सोने और चांदी की शुद्धता जांचने के लिए कैरेट मीटर उपलब्ध थे, लेकिन तनिष्क ने ‘डायमंड कैट मीटर’ और ‘क्लेरिटी व्यूअर’ जैसी तकनीकों को स्टोर स्तर पर पेश कर एक बड़ी क्रांति की है। इस तकनीक के जरिए ग्राहक यह जान सकते हैं कि उनके आभूषण में लगा हीरा असली प्राकृतिक हीरा है या लैब में तैयार किया गया (Lab Grown) हीरा। इसके साथ ही, ‘मार्किंग व्यूअर’ के माध्यम से हीरे पर अंकित उसके यूनिक आईडी नंबर को भी लाइव देखा जा सकता है, जो अब तक केवल प्रमाणपत्रों तक सीमित था।

प्रदर्शनी के दौरान तनिष्क के विशेषज्ञों ने बताया कि यह सुविधा वर्तमान में देश के 55 चुनिंदा स्टोर्स पर उपलब्ध कराई गई है और जल्द ही इसे तनिष्क के सभी 500 से अधिक शोरूम पर शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनी में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि ‘रूबीलाइट’ और ‘रशियन एमरल्ड’ जैसे दुर्लभ रत्नों से जड़े प्रीमियम कलेक्शंस भी प्रदर्शित किए गए, जो आमतौर पर सेलिब्रिटीज की पसंद माने जाते हैं।

ग्राहकों के लिए इस समय तनिष्क विशेष ऑफर्स भी लेकर आया है, जिसमें डायमंड ज्वेलरी की वैल्यू पर 30% से 35% तक की सीधी छूट दी जा रही है। प्रदर्शनी में पहुंचे ग्राहकों, जो पानीपत, मेरठ और नीलोखेड़ी जैसे शहरों से आए थे, ने इस पहल की सराहना की। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि तनिष्क में डायमंड ज्वेलरी की एक्सचेंज वैल्यू भी बेहद आकर्षक रहती है, जो ग्राहकों के निवेश को और अधिक सुरक्षित बनाती है।

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