- पानी के कनेक्शन को लेकर विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल।
- पार्षद अमृत लाल जोशी ने वीडियो को बताया एक सोची-समझी साजिश।
- पूर्व पार्षद काला एमसी पर लगाए भ्रष्टाचार और काम न करने के गंभीर आरोप।
- जोशी बोले- “ईमानदारी से की है सेवा, पार्टी कहे तो आज ही दे दूँ इस्तीफा।”
हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं के बीच का आपसी टकराव अब सार्वजनिक हो गया है। वार्ड नंबर 14 से भाजपा पार्षद अमृत लाल जोशी का एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिसमें वे अपनी संपत्ति और वोट न मांगने की बात कह रहे थे, सियासत गरमा गई है। इस वीडियो पर पूर्व पार्षद रामचंद्र उर्फ काला एमसी की तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब अमृत लाल जोशी ने भी खुलकर अपनी बात रखी है और इसे अपने खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है।
विवाद की जड़ में पानी के कनेक्शन की समस्या और अवैध कॉलोनी में सड़क उखाड़ने का मुद्दा है। अमृत लाल जोशी ने स्पष्ट किया कि जनकपुरी और नाला पार्क क्षेत्र में पानी की समस्या को सुलझाने के लिए वे स्वयं अधिकारियों के साथ मौके पर गए थे। वहां कुछ लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की और उन्हें उकसाया, जिसके बाद गुस्से में उनके मुंह से कुछ शब्द निकल गए। जोशी का कहना है कि वे राजनीति में पैसा कमाने के लिए नहीं आए हैं और उनकी कोठी या संपत्ति उनकी मेहनत की कमाई है, जिसका प्रदर्शन उन्होंने केवल अपनी बात की प्रमाणिकता देने के लिए किया था।
अमृत लाल जोशी ने पूर्व पार्षद काला एमसी पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पिछले कार्यकाल में वार्ड की हालत बदतर हो गई थी, जिसके कारण जनता के दबाव में उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा। उन्होंने काला एमसी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे इतने ही लोकप्रिय हैं, तो उनके सामने चुनाव लड़कर दिखाएं। जोशी ने यहां तक कहा कि यदि पार्टी आदेश दे, तो वे आज ही इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं और उन्हें भरोसा है कि जनता सच्चाई का साथ देगी।
इस जुबानी जंग में जोशी के बेटे ने भी अपने पिता का पक्ष लेते हुए कहा कि पिछले चुनाव में उन्होंने स्वयं काला एमसी की मदद की थी, लेकिन काम न होने के कारण जनता में भारी रोष था। उन्होंने बताया कि वर्तमान पार्षद के रूप में उनके पिता ने वार्ड के लिए करोड़ों रुपये की ग्रांट स्वीकृत कराई है और विकास कार्य पाइपलाइन में हैं।
दूसरी ओर, इस टकराव से भाजपा के स्थानीय संगठन में असहज स्थिति पैदा हो गई है। एक ही पार्टी के वर्तमान और पूर्व पार्षदों का इस तरह आमने-सामने आना चर्चा का विषय बना हुआ है। अमृत लाल जोशी ने हालांकि अंत में काला एमसी को अपना दोस्त और भाई बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे वार्ड के विकास और अपनी ईमानदारी के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। पुलिस और प्रशासन अब वायरल वीडियो और उस दौरान हुई सड़क की तोड़फोड़ के मामले की जांच कर रहे हैं।