करनाल जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं। बीती शाम इंद्री-समोरा मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 50 वर्षीय वीरेंद्र कुमार की जान चली गई। वीरेंद्र अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपनी दुकान से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए और उपचार मिलने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से जहाँ इलाके में शोक की लहर है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वीरेंद्र कुमार मूल रूप से शेखपुरा के रहने वाले थे और वर्तमान में करनाल में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वे पेशे से एक आढ़ती थे और इंद्री की अनाज मंडी में उनकी आढ़त की दुकान थी। रोज़ाना की तरह कल भी वे अपनी दुकान पर काम खत्म करके शाम करीब 7:30 बजे वापस करनाल अपने घर के लिए निकले थे। जब वे इंद्री से समोरा के पास पहुँचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। शाम का समय होने के कारण सड़क पर हल्का अंधेरा था, जिसका फायदा उठाकर टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घायल वीरेंद्र को राहगीरों की मदद से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मृतक के साले अनिल कुमार ने बताया कि वीरेंद्र घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी की उम्र करीब 22 साल है, जबकि सबसे छोटी बेटी अभी मात्र 13-14 वर्ष की है। परिवार अभी बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर योजनाएँ बना ही रहा था कि इस त्रासदी ने सब कुछ बदल कर रख दिया। वीरेंद्र एक बेहद मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जो दिन-भर मेहनत करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। अब उनके जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया है, जहाँ आज उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि जिस अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी है, उसकी जल्द से जल्द पहचान की जाए। घटना स्थल के आसपास कुछ निजी स्कूल और व्यावसायिक संस्थान मौजूद हैं, जहाँ सीसीटीवी कैमरे लगे होने की संभावना है। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस इन कैमरों की फुटेज खंगालती है, तो आरोपी वाहन का सुराग मिल सकता है। उन्होंने यह भी दुख व्यक्त किया कि टक्कर मारने के बाद वाहन चालक रुका तक नहीं और न ही घायल की मदद करने की कोशिश की।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण और लिंक मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रकाश की कमी को उजागर किया है। इंद्री से करनाल को जोड़ने वाला यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है, लेकिन शाम के समय यहाँ अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को काफी कठिनाई होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अक्सर इस मार्ग पर भारी वाहन तेज गति से चलते हैं, जो दोपहिया वाहन चालकों के लिए काल साबित होते हैं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मृतक के परिवार ने भावुक होते हुए कहा कि पिता का साया उठ जाने से बच्चों का भविष्य अब अंधकार में नजर आ रहा है। समाज और सरकार से वे मदद की उम्मीद कर रहे हैं ताकि इन बेटियों की परवरिश और शिक्षा बाधित न हो। वहीं, यातायात पुलिस ने भी इस घटना के बाद आम जन से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें और रात के समय रिफ्लेक्टर या चमकदार जैकेट का उपयोग करें ताकि अन्य वाहन चालकों को आपकी उपस्थिति का पता चल सके।
फिलहाल, वीरेंद्र का पूरा परिवार और रिश्तेदार कल्पना चावला मोर्चरी हाउस के बाहर न्याय के इंतजार में खड़े हैं। यह घटना उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो सड़क पर अपनी रफ्तार के शौक के लिए दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। एक पल की लापरवाही ने तीन बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है।
Ground Report By Bhavya Narang