करनाल में नेशनल हाईवे पर आज एक बार फिर ओवरलोड और ओवरसाइज वाहनों की लापरवाही के कारण एक भयावह सड़क हादसा पेश आया। भारी बारिश के बीच, भूसे से लदी एक ट्रैक्टर ट्रॉली निर्मल कुटिया फ्लाईओवर से उतरते समय अनियंत्रित होकर रेलिंग और बैरिकेड्स से जा टकराई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि लोहे के मजबूत बैरिकेड्स को तोड़ते हुए ट्रैक्टर का इंजन और अगला हिस्सा पूरी तरह अलग हो गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे के वक्त कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, ट्रैक्टर ट्रॉली पुराने नगर चौक से यमुनानगर की ओर जा रही थी। ट्रॉली में भूसा इस कदर भरा हुआ था कि वह किनारों से करीब डेढ़ से दो फुट बाहर निकला हुआ था, जिसे तकनीकी रूप से ‘ओवरसाइज’ माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुल से उतरते समय चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन गीली सड़क पर फिसलन और अत्यधिक भार के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि पीछे से आ रहे एक ट्रक से बचने के चक्कर में ट्रैक्टर चालक ने वाहन को तेजी से किनारे की ओर काटा, जिससे यह अनियंत्रित होकर सीधे रेलिंग पर चढ़ गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें और ईआरवी 411 मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब वे यहाँ पहुँचे, तो ट्रैक्टर के दो भाग हो चुके थे और चारों तरफ भूसा बिखरा हुआ था। घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए स्थानीय ट्रामा सेंटर ले जाया गया। हालांकि प्राथमिक उपचार के दौरान चालक होश में था, लेकिन उसे काफी गंभीर चोटें आई हैं। सड़क पर यातायात को सुचारु बनाने के लिए क्रेन की मदद से ट्रैक्टर के मलबे को हटाया गया और हाईवे की सफाई की गई ताकि फिसलन के कारण कोई अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त न हो।
यह घटना करनाल में पिछले कुछ घंटों के भीतर भूसे से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के कारण हुई दूसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले भी ठंडी सड़क के पुल पर एक गाड़ी इसी तरह के ओवरलोड वाहन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसमें सवार चार-पांच लोगों की जान बाल-बाल बची थी। इन लगातार हो रहे हादसों ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों के अवैध कमर्शियल इस्तेमाल और उन पर होने वाली ओवरलोडिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने प्रशासन के प्रति अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अक्सर ये ट्रॉलियां सड़क पर इतनी जगह घेर लेती हैं कि पीछे से आने वाले वाहनों को कुछ दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कानूनी तौर पर ट्रैक्टर का उपयोग मुख्य रूप से कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में इनका उपयोग व्यापक स्तर पर औद्योगिक और व्यावसायिक परिवहन के लिए किया जा रहा है। हाईवे पर चलने वाली ये ‘ओवरहाइट’ ट्रॉलियां अक्सर बिजली के तारों और सड़क के किनारे लगे संकेतकों के लिए भी खतरा बनी रहती हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ओवरलोडिंग को रोकने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।