करनाल जिले के शामगढ़ स्थित पोटैटो टेक्नोलॉजी सेंटर में दो दिवसीय ‘पोटैटो एक्सपो’ का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष प्रदर्शनी में प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य किसानों को आलू की खेती में आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीज किस्मों और बेहतर आय सुनिश्चित करने के तरीकों से अवगत कराना है।
एक्सपो के दौरान कृषि मंत्री ने प्रदर्शनी का बारीकी से निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों तथा प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। उन्होंने आलू की विभिन्न किस्मों, जैसे कि कुफरी सूर्य, उदय और ट्रायल पर चल रही नई किस्म ‘पिंक आई’ के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि यह केंद्र पूरे भारत में तकनीकी और उन्नत बीज उत्पादन के मामले में सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक है। यहाँ तैयार होने वाला बीज कई चरणों के रोटेशन के बाद किसानों तक पहुँचता है, जिससे फसल की गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
किसानों की आय और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के सवाल पर बोलते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यदि फसलों के दाम तय मूल्य से कम होते हैं, तो सरकार उसकी भरपाई करे। उन्होंने हरियाणा को देश का ऐसा अग्रणी राज्य बताया जो सबसे अधिक फसलों की एमएसपी पर खरीद करता है।
मनरेगा और केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि 20 साल पुराने कानूनों में समय के साथ सुधार आवश्यक है। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि सभी योजनाएं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संशोधित की जा रही हैं। उन्होंने मनरेगा में किए गए सुधारों को ‘राम जी’ नाम की संज्ञा देते हुए इसे ग्रामीण विकास का आधार बताया।
एक्सपो में हरियाणा के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में किसान पहुँचे। यहाँ उन्नत बीज तैयार करने वाली फार्मों ने अपने स्टॉल लगाए थे, जहाँ विषाणु मुक्त (वायरस फ्री) बीज उत्पादन की प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नेट हाउस तकनीक और जी-3 स्तर के बीजों का उपयोग कर किसान अपनी पैदावार को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री ने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी और बेटियों के महत्व तथा ग्रामीण सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी बजट भी किसानों के लिए लाभकारी होगा, क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों ही स्तरों पर नेतृत्व किसानों की समस्याओं से भली-भांति परिचित है।