हरियाणा की बेटियों ने एक बार फिर खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। पंजाब के होशियारपुर में आयोजित 12वें हॉकी टूर्नामेंट में करनाल की 18 बेटियों की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा किया है। 2 से 4 जनवरी तक चली इस प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की कुल 16 प्रमुख टीमों ने हिस्सा लिया था।
टूर्नामेंट के दौरान करनाल की टीम ने अपने अदम्य साहस और बेहतरीन तालमेल से विपक्षी टीमों को एक-एक कर बाहर का रास्ता दिखाया। फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद जब ये बेटियां चमचमाती गोल्ड ट्रॉफी लेकर करनाल लौटीं, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। शहर के हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक सम्मान समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विजेता खिलाड़ियों को मेडल, ट्रॉफी और नकद प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
विजेता टीम की खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और कोच द्वारा दिए गए निशुल्क प्रशिक्षण को दिया। 12 से 16 वर्ष की आयु वर्ग की इन बेटियों ने बताया कि वे प्रतिदिन 3-4 घंटे अभ्यास करती हैं और उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। टीम की सबसे छोटी खिलाड़ी, जो मात्र 12 वर्ष की है, उसने अपनी जीत पर गर्व महसूस करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना साझा किया।
इस अवसर पर खेल विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने बताया कि यह एकेडमी 2016 से बच्चों को निशुल्क कोचिंग दे रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार की खेल नीति की भी सराहना की, जो युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी हैं और खेल के संस्कार उन्हें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से लड़ना भी सिखाते हैं। शहर में चारों ओर खुशी का माहौल है और लोग इन नन्ही चैंपियनों की उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।