हरियाणा के करनाल जिले में अल्फा सिटी के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले करीब 8-10 वर्षों से सड़कों की दुर्दशा और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे सैकड़ों निवासी आज लामबंद होकर जिला सचिवालय स्थित सीएम विंडो पर अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर और प्रशासन की मिलीभगत के कारण उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन नर्क समान हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर विधायक, स्पीकर और मुख्यमंत्री तक से मिल चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के अलावा उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। निवासियों का कहना है कि बिल्डर ने अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी नहीं लिया है और सड़कों की हालत इतनी जर्जर है कि घर तक पहुंचना भी दूभर हो गया है। आज अपनी आवाज बुलंद करने के लिए लगभग 100 से अधिक निवासी पैदल मार्च करते हुए सेक्टर-12 पहुंचे, जहां उन्होंने सामूहिक रूप से 251 सीएम विंडो शिकायतें दर्ज कराने की योजना बनाई थी।
हंगामा तब बढ़ गया जब निवासियों ने देखा कि सीएम विंडो का ऑपरेटर अपनी सीट पर मौजूद नहीं है। निवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को उनके आने की पूर्व सूचना थी, इसलिए जानबूझकर कर्मचारी को वहां से हटा दिया गया ताकि उनकी शिकायतें दर्ज न हो सकें। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से गेट भी बंद कर दिए, जिससे गुस्साए लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने कहा कि वे नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य शुल्क भर रहे हैं, फिर भी उन्हें नारकीय जीवन जीने पर मजबूर किया जा रहा है।
निवासियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 25 जनवरी तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे इस वर्ष 26 जनवरी को ‘काला गणतंत्र’ मनाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस के सरकारी समारोह में अल्फा सिटी के निवासी काले झंडे लेकर पहुंचेंगे और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। फिलहाल, निवासियों ने सचिवालय परिसर में ही डेरा डाल दिया है और वे उपायुक्त से मिलकर जवाब मांगने पर अड़े हुए हैं।