हरियाणा के करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के आईपीडी ब्लॉक में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां कुर्सी पर बैठे-बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की विभिन्न टीमें और स्थानीय सामाजिक संस्थाएं मौके पर पहुंचीं। पुलिस की प्राथमिक जांच और मौके की परिस्थितियों को देखते हुए कड़ाके की ठंड को मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग की शिनाख्त के लिए जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनकी जेब से एक आधार कार्ड और कुछ नकदी बरामद हुई। आधार कार्ड के विवरण के मुताबिक, मृतक की पहचान सुलता राम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर और बोधनी गांव से संबंध रखते थे। पुलिस ने जब उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, तो पता चला कि बुजुर्ग काफी समय से अपने परिवार से अलग रह रहे थे। पारिवारिक विवाद के चलते उनके रिश्तेदारों ने तत्काल जिम्मेदारी लेने में कुछ संकोच भी जताया।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुजुर्ग के शरीर पर पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं थे। उन्होंने केवल एक आधी बाजू की स्वेटर और कुर्ता-पजामा पहन रखा था और वे नंगे पैर थे। ठंड के इस मौसम में खुले में और बिना पर्याप्त कपड़ों के रहने के कारण शरीर के तापमान में गिरावट आना स्वाभाविक है। पुलिस अब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी है ताकि मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सके।
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय सामाजिक संस्था ‘अपना आशियाना’ और ‘जन सेवा दल’ की टीमें भी मदद के लिए आगे आईं। संस्था के प्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में खुले में सोने के बजाय सरकारी रैन बसेरों या आश्रमों का सहारा लें। प्रशासन द्वारा रैन बसेरों में हीटर, कंबल और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। यदि मृतक के परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाता है या वे अंतिम संस्कार से इनकार करते हैं, तो सामाजिक संस्थाएं ही धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका दाह संस्कार करेंगी। यह घटना समाज में पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दूरियों और लावारिस जीवन जीने को मजबूर बुजुर्गों की दयनीय स्थिति पर भी एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।