हरियाणा के करनाल में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक शातिर ठग ने अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर एक बुजुर्ग रेहड़ी संचालक को हजारों रुपये का चूना लगा दिया। लोहड़ी के त्यौहार के मद्देनजर अधिक मुनाफे का झांसा देकर आरोपी ने बुजुर्ग से एडवांस के तौर पर ₹17,000 ठग लिए और फरार हो गया।
घटना दोपहर करीब 2:00 बजे की है, जब एक व्यक्ति स्कूटर पर सवार होकर मेरठ चौक के पास मूंगफली की रेहड़ी लगाने वाले बुजुर्ग के पास पहुँचा। शातिर ठग ने बुजुर्ग को विश्वास दिलाया कि वह लोहड़ी के अवसर पर उन्हें ₹1 लाख का मूंगफली और अन्य सामान बेहद कम दामों पर उपलब्ध कराएगा। उसने खुद को पास की ही दुकान चलाने वाले व्यक्तियों का जानकार बताया, जिससे बुजुर्ग का संदेह खत्म हो गया।
ठग ने बुजुर्ग से कहा कि वह उनके घर पर माल छोड़ जाएगा, लेकिन इसके लिए उसे तुरंत ₹17,000 एडवांस चाहिए। बुजुर्ग ने दूसरे दुकानदार की बातों और कथित जान-पहचान पर भरोसा करते हुए उसे नकद ₹17,000 सौंप दिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने बुजुर्ग को अपने साथ घर दिखाने के बहाने स्कूटर पर भी बैठाया और बाकी बचे पैसे बाद में लेने का वादा किया। लेकिन जैसे ही उसे पैसे मिले, वह मौका पाकर वहाँ से रफूचक्कर हो गया।
ठगी का अहसास होने के बाद जब बुजुर्ग ने उन दुकानदारों से पूछताछ की जिनका नाम आरोपी ने लिया था, तो वे उसे पहचानने से मुकर गए। इसके बाद मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया। बुजुर्ग और उनके बेटे का आरोप है कि दूसरे पक्ष की मिलीभगत या उनकी गवाही की वजह से ही उन्होंने पैसे दिए, जबकि दूसरा पक्ष (दुकानदार) खुद को निर्दोष बताते हुए कह रहा है कि उन्होंने पहले ही किसी भी जिम्मेदारी से मना कर दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की डायल 112 टीम को सूचित किया गया, जो तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू की। फिलहाल बुजुर्ग की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि स्कूटर सवार आरोपी की पहचान की जा सके। यह घटना व्यापारियों और बुजुर्गों के लिए एक चेतावनी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ पैसों का लेन-देन करने से पहले उसकी पूरी तरह से पुष्टि जरूर कर लें।