January 9, 2026
28 Dec 17

हरियाणा के करनाल जिले में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‘जोमैटो’ की सेवाएं रविवार से बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। शहर के लगभग 400 जोमैटो राइडर्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 48 घंटे की सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। सेक्टर 13 की मुख्य मार्केट में एकत्रित हुए इन राइडर्स ने कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट किया कि रविवार और सोमवार को कोई भी डिलीवरी नहीं की जाएगी।

राइडर्स की मुख्य शिकायत कम पे-आउट और घटते इंसेंटिव को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे दिन में 14 से 16 घंटे तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन दिनभर की भागदौड़ के बाद उनके हाथ में महज 600 से 700 रुपये ही बचते हैं। इसमें से भी एक बड़ा हिस्सा पेट्रोल और बाइक की सर्विसिंग पर खर्च हो जाता है। उन्होंने मांग की है कि प्रति किलोमीटर की दर को बढ़ाया जाए और पिकअप चार्ज के रूप में भी उचित राशि दी जाए। राइडर्स का कहना है कि यदि उनका दैनिक पे-आउट कम से कम 900 से 1000 रुपये के करीब पहुँच जाए, तो वे अपना गुजारा सही तरीके से कर सकेंगे।

पे-आउट के अलावा, सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। वर्तमान में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। राइडर्स का आरोप है कि काम के दौरान छोटे-मोटे एक्सीडेंट होने पर कंपनी की ओर से कोई सहायता नहीं मिलती। बाइक क्षतिग्रस्त होने या मोबाइल फोन टूटने का पूरा खर्च उन्हें अपनी जेब से वहन करना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि कंपनी को एक्सीडेंटल इंश्योरेंस और मेडिकल सुविधाओं के नियमों में सुधार करना चाहिए ताकि मामूली चोटों पर भी उन्हें मदद मिल सके।

हड़ताल की सूचना मिलते ही कंपनी के टीम लीडर (TL) मौके पर पहुँचे और राइडर्स से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, राइडर्स अपनी मांगों पर अडिग हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उनके रेट कार्ड में सुधार नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि कंपनी आज ही उनकी मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो वे कुछ ही घंटों में स्ट्राइक खत्म कर काम शुरू कर सकते हैं। इस हड़ताल के कारण रविवार की छुट्टी के दिन ऑनलाइन खाना मंगवाने वाले ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

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