हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने अपराधियों और गैंगस्टर्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें समाज का “भिखारी” करार दिया है। करनाल के मधुबन पुलिस अकादमी में प्रदेश भर के पुलिस अधीक्षकों के साथ वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि गैंगस्टर्स द्वारा दी जाने वाली एक्सटॉर्शन कॉल्स (फिरौती की धमकियां) अक्सर खोखली होती हैं। उन्होंने बताया कि जब इन अपराधियों से पूछताछ की जाती है या उनकी कॉल रिकॉर्डिंग सुनी जाती है, तो वे डराने के बजाय “ख्याल रखने” की विनती करते हुए गिड़गिड़ाते हैं।
डीजीपी ने वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा पुलिस की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि पुलिस ने पिछले एक साल में 107 से अधिक हत्याओं की साजिशों को नाकाम किया है। साथ ही, लगभग 1000 अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के 4500 से अधिक शातिर अपराधियों और गिरोहबंद लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। जो अपराधी जमानत पर बाहर हैं, उनमें से 200 से अधिक की जमानत रद्द करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीजीपी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि पुलिस बल में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने अनुच्छेद 311(2) के तहत मिली शक्तियों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि जो भी पुलिसकर्मी रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा जाएगा, उसे जांच के विलंब के बिना तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि पुलिस को बदमाशों से लड़ना है, न कि उनके साथ हाथ मिलाना है।
आगामी नए साल के जश्न को लेकर डीजीपी ने जनता से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाएं। पुलिस ने पिछले साल हुड़दंग करने वालों की सूची तैयार कर ली है और उन पर विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि जश्न मनाने का अधिकार सबका है, लेकिन शराब पीकर गाड़ी चलाना या दूसरों की शांति भंग करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अंत में, उन्होंने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं को फिट रहने का संदेश दिया, ताकि वे एक सजग और निडर नागरिक बन सकें।