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करनाल (भव्य नागपाल, विकास मैहला): एक बार फिर कल्पना चावला मेडिकल कालेज के सुरक्षा गार्डों ने गुंडागर्दी दिखाई। मेडिकल कालेज में सिक्योरिडी गार्डों द्वारा मरीजों व तिमारदारों के साथ की जा रही बदतमीजी व दुर्व्यवहार की घटनाएं रूकने की बजाए लगातार बढ़ रही हैं। ​एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला मंगलवार सुबह का है जब मरीज को लेकर आए तिमारदार की गाड़ी की सुरक्षा गार्डों ने हवा निकाली दी, जिसके बाद हाथापाई भी हुई। इस घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने चार सिक्योरिडी गार्डों के खिलाफ केस दर्ज किया है, साथ ही तीन युवकों को हिरासत में भी ले लिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रेम नगर निवासी ऋषिपाल अपनी पत्नी को दवा दिलाने के लिए सुबह 9 बजे कल्पना चावला मेडिकल कालेज पहुंचा। पुलिस को दी शिकायत में ऋषिपाल ने बताया कि उसकी पत्नी कई साल से बीमार चल रही है, वह कालेज में उसका चेकअप कराने व दवा दिलाने के लिए लाया था। जब वह गाड़ी लेकर कालेज पहुंचा तो ओपीडी के बाहर खड़े गार्डों ने गाड़ी को आगे जाकर खड़ी करने को कहा। इस पर वह अपनी पत्नी को ओपीडी के बाहर उतारकर गाड़ी आगे खड़ी करने के लिए चला गया, आगे भी गार्ड ने उसे गाड़ी नहीं खड़ी करने दी तो वह मेडिकल कालेज ब्लाक के सामने बनी पार्किंग पर अपनी गाड़ी खड़ी दी। आरोप है कि यहां पर सिक्योरिटी गार्ड ने उसे गाड़ी खड़ी करने से रोका, जबकि वहीं पर पार्किंग का बोर्ड भी लगा है।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि क्योंकि, उसकी पत्नी ज्यादा देर खड़ी नहीं हो सकती थी, इस पर वह गाड़ी वहीं पर खड़ा करके पत्नी को दवा दिलाने के लिए चला गया। कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो देखा गाड़ी के टायरों की हवा निकाली हुई थी। इस पर उसने सिक्योरिटी गार्डों से हवा निकालने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर व मेडिकल कालेज के डायरेक्टर ने गाड़ियों की हवा निकालने के आदेश दे रखे हैं, जब उसने लिखित में आदेश की कापी मांगी तो गार्ड बहस करने लगे। मामला कहासुनी के बाद हाथापाई तक पहुंच गया और पीड़ित की पत्नी जब बचाव करने के लिए आई तो उसे भी धक्के दिए गए। बाद में अन्य लोग भी एकत्रित हो गए और मामला शांत कराया, इसके बाद पीड़ित अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला गया और पूरे मामले की शिकायत थाना सिविल लाइन पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच चल रही है।

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